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JoSAA Round 3 Seat Allotment 2026:जेईई मेन में आई 13.90 लाख रैंक, फिर भी मिला एनआईटी में प्रवेश, जानें किन मामलों में खराब रैंक नहीं बनती बाधा

JoSAA Round 3 Seat Allotment 2026: जोसा काउंसलिंग में एक छात्र को एनआईटी में मिला प्रवेश चर्चा का विषय बन गया है। इस छात्र को जेईई मेन में 13.90 लाख रैंक आने के बावजूद एनआईटी में प्रवेश मिला है। आइए जानें किन खास मामलों में अच्छी रैंक न होने पर भी मिल जाता है एनआईटी में प्रवेश

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 08, 2026 पर 10:51 AM
JoSAA Round 3 Seat Allotment 2026:जेईई मेन में आई 13.90 लाख रैंक, फिर भी मिला एनआईटी में प्रवेश, जानें किन मामलों में खराब रैंक नहीं बनती बाधा
इस साल देश के 134 तकनीकी संस्थानों की 67,323 सीटों पर प्रवेश दिया जा रहा है।

JoSAA Round 3 Seat Allotment 2026: जेईई मेन और एडवांस्ड परीक्षा देने वाले छात्रों और अभिभावकों के बीच एक आम धारणा होती है। अगर रैंक अच्छी नहीं होगी तो आईआईटी या एनआईटी जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश नहीं मिलेगा। लेकिन जेईई मेन और एडवांस्ड की रैंक के आधार पर देश के इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जेओएसएए (जोसा) काउंसलिंग के तीसरे राउंड में एक छात्र का एनआईटी में प्रवेश चर्चा का सबब बन गया है।

दरअसल, इस छात्र की जेईई मेन में रैंक 13,90,116 ऑल इंडिया रैंक आई थी। इसके बावजूद इसे एनआईटी मिजोरम में केमिकल इंजीनियरिंग ब्रांच अलॉट हुई है। इस छात्र को एनआईटी मिजोरम में प्रवेश स्टेट कोटा के माध्यम से मिला है। इस खबर से ऐसे कुछ लोगों की सोच में बदलाव जरूर आया होगा, जो मानते हैं कि एनआईटी में प्रवेश के लिए जेईई मेन में बहुत अच्छी रैंक होना जरूरी है।

इस समय जोसा काउंसलिंग 2026 का तीसरा राउंड चल रहा है। इसके जरिए इस साल देश के 134 तकनीकी संस्थानों की 67,323 सीटों पर प्रवेश दिया जा रहा है। इनमें आईआईटी (IIT), एनआईटी (NIT), आईआईआईटी और जीएफअीआई शामिल हैं। इसी दौरान एक छात्र को इस बार होम स्टेट कोटे के तहत एनआईटी मिजोरम में केमिकल इंजीनियरिंग ब्रांच मिली है। वहीं एक अन्य छात्रा को भी इस व्यवस्था का लाभ मिला है। यह आंकड़ा बताता है कि अगर किसी छात्र की रैंक बहुत पीछे भी हो, तब भी कुछ परिस्थितियों में एनआईटी में एडमिशन का अवसर मिल सकता है।

होम स्टेट कोटा से मिलता है फायदा

जोसा काउंसलिंग के तहत एनआईटी में प्रवेश के दौरान कुछ सीटें संबंधित राज्य के छात्रों के लिए होम स्टेट कोटे के तहत आरक्षित रहती हैं। ऐसे में जिन राज्यों में आवेदकों की संख्या कम होती है, वहां कुछ ब्रांचों में अपेक्षाकृत अधिक रैंक वाले छात्रों को भी सीट मिल सकती है।

स्टेट कोटा में 14.97 लाख रैंक पर भी मिली छात्रा को सीट

जोसा काउंसलिंग के तीसरे राउंड के आंकड़ों के अनुसार, फीमेल पूल (Female Pool) और सुपर न्यूमरेरी सीटों को मिलाकर ओपन कैटेगरी की एक छात्रा को 14,97,038 रैंक पर एनआईटी मिजोरम में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE) ब्रांच अलॉट हुई है। यह सीट भी होम स्टेट कोटे के तहत मिली है।

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