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NEET UG 2026 Counselling Mistakes: 7 अगस्त तक शुरू हो सकती है काउंसलिंग, इसमें आपकी छोटी सी गलती से हाथ से निकल जाएगी एमबीबीएस की सीट

NEET UG 2026 Counselling Mistakes: नीट यूजी परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद अब छात्रों की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने का समय पास आ रहा है। काउंसलिंग प्रक्रिया 07 अगस्त से शुरू हो सकती है। काउंसलिंग में छात्रों की कुछ गलतियों की वजह से वे मेडिकल कॉलेज में सीट पाने से चूक जाते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 01, 2026 पर 6:21 PM
NEET UG 2026 Counselling Mistakes: 7 अगस्त तक शुरू हो सकती है काउंसलिंग, इसमें आपकी छोटी सी गलती से हाथ से निकल जाएगी एमबीबीएस की सीट
नीट यूजी 2026 काउंसलिंग 07 अगस्त के आस-पास शुरू हो सकती है।

NEET UG 2026 Counselling Mistakes: नीट यूजी 2026 का री-एग्जाम हो चुका है। इसके नतीजे भी घोषित हो चुके हैं। इस उतार-चढ़ाव भरी प्रक्रिया में सफल परीक्षार्थियों को मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया के अंतिम चरण का इंतजार है। नीट यूजी परीक्षा पास करना इस प्रक्रिया का आधा हिस्सा है। असल चुनौती मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया का काउंसलिंग राउंड होती है। अक्सर देखने को मिलता है कि परीक्षा पास करने के बावजूद कई मेधावी छात्र मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने से चूक जाते हैं। नीट यूजी काउंसलिंग प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए सतर्कता और सही स्ट्रैटेजी की जरूरत होती है। फीस न भरने या किसी ऑप्शन को ठीक से न समझने की छोटी सी लापरवाही आपको नीट यूजी काउंसलिंग प्रक्रिया से बाहर कर सकती है। इसलिए नीट यूजी 2026 काउंसलिंग 07 अगस्त के आस-पास शुरू होने से पहले आइए इसमें अमूमन होने वाली आम गलतियों को जान लें और उससे बचने का तरीका भी समझ लें।

चॉइस फिलिंग में जल्दबाजी और ओवर-कॉन्फिडेंस

ये नीट यूजी काउंसलिंग में सबसे बड़ी गलती होती है। कई छात्र सिर्फ चुनिंदा टॉप कॉलेजों का नाम भरकर छोड़ देते हैं। अगर आपके मार्क्स के हिसाब से उन कॉलेजों की कट-ऑफ हाई चली गई तो आप राउंड से बाहर हो जाएंगे। अपनी रैंक का सही आकलन करें और सुरक्षित बैकअप के तौर पर कॉलेजों की लिस्ट तैयार रखें।

लॉक करने से पहले चॉइस का रिव्यू न करना

चॉइस फिल करने के बाद उसे ध्यान से री-चेक करें। कई बार छात्र सीट की प्रेफरेंस सही क्रम में नहीं लगाते हैं। चॉइस लॉक करने के बाद उसमें कोई बदलाव नहीं हो सकता। अगर आपने किसी कम पसंद वाले कॉलेज को ऊपर रख दिया तो हो सकता है कि आपको वही अलॉट कर दिया जाए। इसलिए यह स्टेप बहुत सावधानी से पूरा करें।

फर्जी या गलत डॉक्यूमेंट्स जमा करना

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान फर्जी सर्टिफिकेट, गलत कैटेगरी सर्टिफिकेट या डुप्लिकेट डाक्यूमेंट्स देना किसी अपराध से कम नहीं है। ऐसा करने पर न केवल आपका अलॉटमेंट कैंसिल हो जाएगा, बल्कि एंटी-रैगिंग और मेडिकल काउंसिल के सख्त नियमों के तहत 3 से 5 साल तक के लिए बैन भी किया जा सकता है।

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