मेजर नव्या शेखावत इंडियन आर्मी की पहली महिला आर्मी ऑफिसर बनीं, जिन्हें राष्ट्रपति की ADC अपॉइंट किया गया। उनका CDS एग्जाम से राष्ट्रपति भवन तक का सफर मेहनत, डिसिप्लिन और काबिलियत की मिसाल है आइये जानते है उनके इस बेमिसाल सफर के बारे में:
सिर्फ मेहनत और लगन से तय किया शानदार सफर
मेजर नव्या शेखावत का सफर उनकी मेहनत, डिसिप्लिन और लीडरशिप कैपेब्लिटी का उदाहरण है। उन्होंने अपनी काबिलियत के दम पर सेना में जगह बनाई और अपनी जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाते हुए राष्ट्रपति भवन तक पहुंचीं। उनकी कहानी बताती है कि मेहनत और समर्पण से बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता हैं।
CDS एग्जाम से शुरू हुआ मिलिट्री करियर
मेजर नव्या शेखावत ने अपना सैन्य सफर ‘कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज’ (CDS) एग्जाम के जरिए शुरू किया। इस एग्जाम में सफल होने के बाद उनका सिलेक्शन शॉर्ट सर्विस कमीशन के लिए हुआ और उन्होंने चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA) में ट्रेनिंग पूरी की।
आर्मी सर्विस कॉर्प्स में निभा रही हैं जिम्मेदारी
ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उन्हें इंडियन आर्मी की आर्मी सर्विस कॉर्प्स में कमीशन मिला। यह डिपार्टमेंट आर्मी के लिए लॉजिस्टिक्स, सामान की सप्लाई और ट्रांसपोर्टेशन संभालता है, जिससे फाॅर्स की तैयारियों को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।
मेजर नव्या शेखावत का सफर खास इसलिए है क्योंकि उन्होंने 2021 में कमीशन मिलने के बाद अपनी मेहनत, अच्छी परफॉरमेंस और लीडरशिप क्वालिटी के दम पर कम समय में मेजर की पोस्ट हासिल की। राष्ट्रपति की ADC अपॉइंटमेंट उनके प्रोफेशनल कौशल और काबिलियत पर भरोसे को दिखाती है।
राष्ट्रपति की ADC की अहम जिम्मेदारी
राष्ट्रपति भवन में ADC का पद बहुत सम्मान और जिम्मेदारी वाला होता है। राष्ट्रपति के ऑफिशियल इंगेजमेंट में सहायता करना, सीनियर मिलिट्री और सिविल ऑफिशल के साथ कॉर्डिनेट करना, स्टेट सेरेमनी व गार्ड ऑफ ऑनर जैसे इवेंट्स में भाग लेना, राष्ट्रपति भवन के प्रोटोकॉल को बनाए रखना और इंडियन आर्म्ड फाॅर्स को रिप्रेजेंट करना।
महिला ऑफिसर के लिए नई प्रेरणा
मेजर नव्या शेखावत की अपॉइंटमेंट इंडियन आर्मी में महिलाओं के बढ़ते अवसरों को दिखाती है। समय के साथ चेंज और समान काम के कारण महिला ऑफिसर को अब कमांड और महत्वपूर्ण स्टाफ जिम्मेदारियां मिल रही हैं। उनका अचीवमेंट देशभर की युवा लड़कियों और डिफेंस की तैयारी करने वालों के लिए इंस्पिरेशन बना है।
मेहनत और योग्यता की मिसाल
मेजर नव्या शेखावत का सफर दिखाता है कि अच्छी तैयारी, कठिन ट्रेनिंग और लगातार बेहतर प्रदर्शन से बड़े अवसर हासिल किए जा सकते हैं। उनकी सफलता सिर्फ एक पर्सनल अचीवमेंट नहीं, बल्कि आर्मी में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, सेल्फ-कॉन्फिडेंस और देश सेवा के जज्बे का प्रतीक है।