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6.8% नहीं, 6% की रफ्तार से बढ़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था; इस कारण FY27 के अनुमान में मूडीज ने की कटौती

India's FY27 GDP Growth Forecast: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही लड़ाई ने दुनिया भर को झटका दिया है। अब वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारतीय इकॉनमी के बढ़ने की रफ्तार के अनुमान में बड़ी कटौती की है। मूडीज का मानना है कि वित्त वर्ष 2027 में अब भारतीय इकॉनमी अब 6.8% नहीं, 6% की रफ्तार से बढ़ेगी। जानिए मूडीज ने इसमें कटौती क्यों की और बाकी रेटिंग एजेंसियों का क्या कहना है

Edited By: Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Apr 05, 2026 पर 12:12 PM
6.8% नहीं, 6% की रफ्तार से बढ़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था; इस कारण FY27 के अनुमान में मूडीज ने की कटौती
मूडीज का कहना है कि महंगाई अभी तो नियंत्रण में है, लेकिन जियो-पॉलिटिकल रिस्क के चलते इसके तेजी से बढ़ने का खतरा बना दिया है।

रेटिंग एजेंसी मूडीज रेटिंग्स (Moody's Ratings) ने इस वित्त वर्ष 2027 में भारत की इकनॉमिक ग्रोथ के अनुमान में कटौती की है। मूडीज ने इस वित्त वर्ष 2027 में भारतीय जीडीपी की ग्रोथ के अनुमान को 6.8% से घटाकर 6% कर दिया है। रेटिंग एजेंसी का कहना है कि ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही लड़ाई से विकास की रफ्तार धीमी होगी और महंगाई का खतरा बढ़ेगा। मूडीज की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिमी एशिया में चल रही लड़ाई के चलते लंबे समय तक सप्लाई पर असर पड़ा तो गैस की कमी हो सकती है, तेल महंगा हो सकता है और खाद के आयात पर निर्भरता के चलते फूड इंफ्लेशन भी बढ़ सकता है। युद्ध से प्रभावित एशियाई इलाके से देश की जरूरतों का करीब 55% कच्ता तेल और 90% से अधिक एलपीजी की सप्लाई होती है।

महंगाई और रेपो रेट को लेकर ये है अनुमान

मूडीज का कहना है कि महंगाई अभी तो नियंत्रण में है, लेकिन जियो-पॉलिटिकल रिस्क के चलते इसके तेजी से बढ़ने का खतरा बना दिया है। मूडीज का अनुमान है कि कि इस वित्त वर्ष 2026-27 में महंगाई बढ़ने की औसत रफ्तार वित्त वर्ष 2025-26 के 2.4% से बढ़कर 4.8% हो जाएगी। वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज का मानना है कि महंगाई का खतरा फिर से बढ़ने और ग्रोथ के मजबूत बने रहने के साथ 2026-27 में रेपो रेट को आरबीआई या तो स्थिर रख सकता है या इसमें धीरे-धीरे बढ़ोतरी करेगा। हालांकि यह इस पर निर्भर करेगा कि जियोपॉलिटिकल टेंशन कब तक रहेगा और इसका तेल और खाने-पीने की चीजों पर कितना असर पड़ता है।

इस कारण सुस्त हो सकती है ग्रोथ की रफ्तार

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