MPBSE Exam: बोर्ड परीक्षाओं में नकल, अनियमितता और गड़बड़ी की वजह से हर साल छात्रों और प्रशासन दोनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इससे निपटने के लिए हर साल उपाय किए जाते हैं, लेकिन कोई न कोई परेशानी फिर भी खड़ी हो ही जाती है। लेकिन इस साल मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने इससे निजात पाने के लिए कमर कस ली है। माध्यमिक शिक्षा मंडल फरवरी में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा कराएगा। 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए प्रशासन कड़े उपाय करने जा रहा है। इसमें करीब 18 लाख छात्र परीक्षा देंगे। इसके लिए परीक्षा केंद्रों का तय होना है। इस बार केंद्र सीबीएसई की तर्ज पर तय होंगे। इसके लिए बोर्ड ने राज्य में 10वीं और 12वीं की परीक्षा के लिए चार हजार परीक्षा केंद्र बनाने का निर्देश दिया है। दिसंबर तक केंद्रों की सूची फाइनल हो जाएगी। ये निजी और सरकारी दोनों स्कूलों में होंगे। आइए जानें इनके बारे में
बोर्ड की कार्यपालिका में इस पर प्रस्ताव रखा गया था। इस पर मंजूरी के बाद आगे की कार्रवाई होने जा रही है। परीक्षा में गड़बड़ी और नकल के मामलों को रोकने के लिए हर परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी होना जरूरी है। इसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर की जाएगी। इसे जिलों में प्रारंभिक तौर पर लागू किया जा रहा है। प्राइवेट स्कूलों को इसके लिए निर्देश भी जारी किए जाने हैं। प्रदेश के सभी जिलों के निजी और सरकारी दोनों स्कूलों में चार हजार परीक्षा केंद्र बनेंगे। इसकी जांच रिपोर्ट जिला स्तर पर होगी। कलेक्टर की अध्यक्षता में सेंटर की जांच होगी।
बोर्ड की निगरानी में रहेगा हर परीक्षा केंद्र
सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में जिन स्कूलों को शामिल किया गया है, उन्हें बोर्ड से नियंत्रित किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर प्रश्न पत्र के बंडल खोलने से लेकर हर विद्यार्थी और पर्यवेक्षक के तौर पर ड्यूटी कर रहे शिक्षकों की निगरानी बोर्ड करेगा। बोर्ड का मानना है कि इससे 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षा में पारदर्शिता बनाने में मदद मिलेगी और छात्रों के कीमती समय और भविष्य के साथ खिलवाड़ भी नहीं होगा।