Anant Singh Arrest: 150 पुलिस वाले, पटना SSP ने किया ऑपरेशन को लीड, देर रात ऐसे हुई अनंत सिंह की गिरफ्तारी

पटना SSP कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि शुरुआती जांच में अनंत सिंह की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने अनंत सिंह के साथ दो अन्य सहयोगियों, मणिकांत ठाकुर, रणजीत राम को भी गिरफ्तार किया है। SSP ने बताया कि 30 अक्टूबर को मोकामा के टाल इलाके में दो गुटों के बीच भिड़ंत हुई थी। इसी दौरान दुलारचंद यादव की हत्या हो गई

अपडेटेड Nov 02, 2025 पर 12:04 PM
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Anant Singh Arrest: 150 पुलिसवाले, पटना SSP ने किया ऑपरेशन को लीड, देर रात ऐसे हुई अनंत सिंह गिरफ्तारी

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मोकामा में हुए दुलारचंद यादव हत्याकांड ने बड़ी हलचल मचा दी है। इस मामले में शनिवार (1 नवंबर) देर रात पटना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए JDU उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक, पटना SSP कार्तिकेय शर्मा के नेतृत्व वाली टीम, करीब 150 पुलिसकर्मियों के साथ बाढ़ थाना क्षेत्र के कारगिल चौक स्थित अनंत सिंह के घर पहुंची और उन्हें हिरासत में लिया। पुलिस ने अनंत सिंह को घर से उठाकर देर रात पटना ले गई।

पटना SSP कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि शुरुआती जांच में अनंत सिंह की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने अनंत सिंह के साथ दो अन्य सहयोगियों, मणिकांत ठाकुर, रणजीत राम को भी गिरफ्तार किया है।


SSP ने बताया कि 30 अक्टूबर को मोकामा के टाल इलाके में दो गुटों के बीच भिड़ंत हुई थी। इसी दौरान दुलारचंद यादव की हत्या हो गई। शव बरामद होने के बाद दोनों पक्षों की ओर से FIR दर्ज कराई गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुलारचंद के शरीर पर गोली और चोट के निशान मिले हैं। इससे हत्या की पुष्टि होती है। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि घटना के दौरान अनंत सिंह मौके पर मौजूद थे, और इस दौरान आचार संहिता का उल्लंघन भी हुआ। पुलिस ने बताया कि इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।

मृतक दुलारचंद के पोते ने अनंत सिंह समेत 5 लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई थी। वहीं दूसरी ओर अनंत सिंह समर्थकों ने भी एक FIR दर्ज करवाई थी, जिसमें विरोधी पक्ष को आरोपी बताया गया।

अनंत सिंह के गिरफ्तारी पर जनसुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी ने भी प्रतिक्रिया दी है और कहा, "यह एक अच्छा कदम है, लेकिन अगर पुलिस पहले ही कार्रवाई कर लेती तो अच्छा होता। जब उनके खिलाफ FIR दर्ज हो गई थी, तभी गिरफ्तारी हो जानी चाहिए थी। फिर भी देर आए, दुरुस्त आए।"

गुरुवार (30 अक्टूबर) को जन सुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के चुनाव प्रचार के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। इसी दौरान भीड़भाड़ के बीच दुलारचंद यादव को गोली मारी गई और घसीटा गया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। यह घटना सामने आने के बाद से मोकामा और आसपास के क्षेत्रों में तनाव बढ़ गया था।

अनंत सिंह और दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। वहीं पुलिस ने संकेत दिया है कि आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। बिहार चुनाव के ठीक पहले इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी ने राजनीति में हलचल तेज कर दी है।

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