बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है। इसी बीच में केंद्रीय गृह मंत्री और BJP के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह शुक्रवार (26 सितंबर) को एक बार फिर बिहार दौर पर आए हुए है। आज शाम पटना पहुंचने के बाद वह सीधे पार्टी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ अहम बैठक करेंगे। इससे पहले वे बेतिया में BJP कार्यकर्ता से मिले और उन्हें आगामी विधानसभा चुनावों में रणनीति बनाकर कैसे जीत हासिल करे, उस पर टिप्स दिए।
राजधानी पटना के इस बैठक में भाजपा के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा समेत करीब 40 सीनियर लीडर मौजूद रहेंगे। बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों के चयन पर चर्चा करना बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, पिछले दो दिनों में जिला संगठन की ओर से जिन नेताओं के नाम उम्मीदवारों के लिए भेजे गए थे, उन पर गंभीर चर्चा की जाएगी। अमित शाह ने नेताओं से साफ कहा कि टिकट बंटवारे में इस बार कोई समझौता नहीं होगा। सिर्फ वही उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे जिनकी पकड़ जनता और संगठन, दोनों पर मजबूत होगी।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, बैठक में यह भी तय किया जाएगा कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी लंबे समय से कमजोर रही है, वहां नए चेहरों को उतारा जाए या नहीं। वहीं जिन क्षेत्रों में मौजूदा विधायक का कामकाज बेहतर रहा है और जनता के बीच उनकी मजबूत पकड़ है, वहां उन्हें दोबारा मौका दिया जाए।
बैठक के दौरान सामाजिक और जातीय समीकरणों को भी ध्यान में रखने पर जोर दिया जाएगा। अमित शाह ने स्पष्ट संदेश दिया कि टिकट वितरण में संतुलन बनाना बेहद जरूरी है ताकि संगठन के भीतर असंतोष की स्थिति न पैदा हो। उन्होंने नेताओं से कहा कि भाजपा का लक्ष्य सिर्फ सीटें जीतना नहीं है, बल्कि बिहार में पार्टी की मजबूती और भविष्य की राजनीति तय करना भी है।
अमित शाह ने संगठन महामंत्री और अन्य जिम्मेदार नेताओं से यह भी कहा कि लंबी लिस्ट लाने के बजाय सीमित और चुनिंदा नामों को ही आगे बढ़ाया जाए। हर विधानसभा सीट के लिए उम्मीदवार का चयन ठोस कारणों और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर होना चाहिए।
बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार सुबह बिहार के कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचे थे, उसके बाद वें पश्चिमी बिहार के बेतिया के लिए रवाना हो गए। बेतिया पहुंचने के बाद शाह ने भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से मिले और आगामी बिहार चुनाव में जीत हासिल कैसे करें उस पर टिप्स भी दिए।