बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच मोकामा में गुरुवार (30 अक्टूबर) को हुई सनसनीखेज हत्या ने सियासी माहौल को हिला दिया है। जन सुराज समर्थक और RJD प्रमुख लालू यादव के सहयोगी माने जाने वाले दुलारचंद यादव की चुनाव प्रचार के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद राज्य की सियासत में हलचल मच गई। साथ ही आरोपों की बौछार भी शुरू हो गया। इस घटना के बाद दुलारचंद के समर्थकों ने हत्या की साजिश के पीछे मोकामा से JDU उम्मीदवार एवं बाहुबली नेता अनंत सिंह का हाथ बताया। लेकिन अनंत सिंह ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह हत्या बाहुबली सूरजभान सिंह की साजिश है।
अनंत सिंह ने इस घटनाक्रम पर बयान देते हुए कहा, "हम अपने समर्थकों के साथ टाल क्षेत्र में प्रचार करने निकले थे। रास्ते में करीब 100 गाड़ियां खड़ी देखी। लगा कोई उम्मीदवार वोट मांग रहा होगा। जैसे ही हम पास गए, वहां मौजूद लोग हमारे खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उसके बाद हम बिना रुके आगे बढ़ गए।"
अनंत सिंह का दावा है कि उनके आगे बढ़ जाने के बाद पीछे रह गई गाड़ियों पर हमला किया गया। उन्होंने कहा, "हमारी करीब 40 गाड़ियां आगे निकल चुकी थीं। पीछे 10 गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। हमला पूरी तैयारी के साथ किया गया था।"
ये सूरजभान सिंह की साजिश- अनंत सिंह
अनंत सिंह ने साफ-साफ कहा कि इस घटना के पीछे सूरजभान सिंह का हाथ है। उन्होंने आरोप लगाया, "पूरा खेल सूरजभान सिंह का है। वो चाहता था कि झगड़ा हो, माहौल बिगड़े और वोट बंट जाएं। पहले दुलारचंद की तरफ से ही हाथापाई शुरू हुई।"
जन सुराज समर्थक दुलारचंद यादव मोकामा टाल में उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए प्रचार करने गए थे। तभी बदमाशों ने उन पर गोलियां चला दीं। जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद बिहार की सियासत में हलचल मच गई। कई समर्थकों ने अनंत सिंह पर उंगली उठाते हुए कहा कि हत्या के पीछे उनका ही हाथ है।
दुलारचंद यादव, लालू प्रसाद यादव के बहुत करीबी सहयोगी माने जाते थे। इस बार वह चुनाव के दौरान सक्रिय रूप से जन सुराज के समर्थन में काम कर रहे थे। मोकामा क्षेत्र पहले से ही अपराध और बाहुबली राजनीति का केंद्र रहा है। ऐसे में यह हत्या एक बार फिर राजनीति और अपराध के रिश्ते पर सवाल खड़े करती है।