संगीत के जादूगर एआर रहमान ने एक बार फिर दुनिया को अपनी कला से मंत्रमुग्ध कर दिया। 23 जनवरी को UAE के एतिहाद एरीना में हुए उनके धमाकेदार कॉन्सर्ट ने 20,000 दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। विवादों के घेरे में चल रहे रहमान ने शो के अंत में 'वंदे मातरम' (मां तुझे सलाम) गाकर सभी को चौंका दिया। पूरा हॉल उनके साथ गाने लगा, और ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। फैंस का कहना है कि ये उनके आलोचकों को करारा जवाब था।
देशभक्ति से भरा चार घंटे का जादू
कॉन्सर्ट की शुरुआत मणि रत्नम की फिल्म 'अयुत्था ईझुथु' के 'जन गण मन' से हुई। रहमान ने 'जय हो', 'छईय्या छईय्या' जैसे हिट गानों के अलावा साउथ इंडियन ट्रैक्स भी पेश किए। चार घंटे चले इस शो के अंत में जब लग रहा था कि 'छईय्या छईय्या' ही फिनाले है, रहमान ने कहा "रुकिए, एक आखिरी गाना बाकी है।" फिर शुरू हुआ 'वंदे मातरम', जिसे सुन हॉल में सन्नाटा छा गया और फिर तालियों की गड़गड़ाहट गूंज पड़ी। एक फैन ने लिखा, "मैं उम्मीद कर रहा था कि रहमान आज आलोचकों को जवाब देंगे, और उन्होंने दिया।" एक अन्य वीडियो में दिखा कि दर्शक आंसुओं से भीग गए।
विवाद का बैकग्राउंड और सफाई
बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में रहमान ने कहा था कि 8 सालों से बॉलीवुड में 'पावर शिफ्ट' हुआ है। गैर-क्रिएटिव लोग फैसले ले रहे हैं, और ये 'कम्युनल' हो सकता है। 'छावा' फिल्म को 'विभाजनकारी' बताकर भी विवाद बढ़ा। सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग शुरू हो गई। रहमान ने वीडियो जारी कर सफाई दी, "भारत मेरी प्रेरणा, शिक्षक और घर है। मंशसा कभी गलत न समझी जाए। संगीत से हमेशा सम्मान और सेवा का मकसद रहा।" चिन्मयी श्रीपदा ने उनका बचाव किया, कहा कि रहमान हर कॉन्सर्ट में देशभक्ति गाते हैं। UAE की पहली महिला फिल्ममेकर नया अल खज्जा समेत कई ने सपोर्ट किया।
यूएई में हुए इस कॉन्सर्ट में हजारों दर्शक मौजूद थे। जैसे ही रहमान ने ‘वंदे मातरम’ की धुन छेड़ी, पूरा हॉल तालियों और जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद जब उन्होंने ‘जन गण मन’ गाया, तो भारतीय दर्शकों के साथ-साथ अन्य देशों से आए लोग भी खड़े होकर सम्मान जताने लगे। यह दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और वीडियो को लाखों बार देखा गया। रहमान के इस प्रदर्शन को लेकर ट्विटर और इंस्टाग्राम पर जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई यूजर्स ने लिखा कि रहमान ने संगीत के जरिए एकता और देशभक्ति का संदेश दिया। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि यह प्रस्तुति उनके लिए गर्व का क्षण था, क्योंकि विदेश में रहकर भी उन्होंने भारत की पहचान को मजबूती से पेश किया।