Alpha Teaser: आलिया भट्ट की आने वाली स्पाई थ्रिलर फ़िल्म 'अल्फा' का टीज़र ऑनलाइन वायरल हो रहा है। फ़िल्म के एक्शन से भरपूर सीन्स के अलावा, एक खास सीन ने सबका ध्यान खींचा है और फ़िल्म प्रेमियों के बीच बहस का विषय बन गया है। टीज़र के रिलीज़ होते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने यह भी दावा करना शुरू कर दिया कि यह टीज़र फ़्रेंच क्लासिक फ़िल्म 'ला फ़ेम निकिता' से काफ़ी मिलता-जुलता है।
टीज़र की शुरुआत आलिया भट्ट से होती है, जो बॉबी देओल के किरदार के साथ खाना खा रही है। इस सीन में, बॉबी उसे उसके 18वें जन्मदिन की बधाई देते हैं और फिर उसे एक कार्ड देते हैं, जिस पर एक कमरे का नंबर लिखा होता है। इसके बाद वे उससे कहते हैं कि अब उसकी ट्रेनिंग को असल में आज़माने का समय आ गया है। इसके बाद ज़बरदस्त एक्शन सीन की झलकियां दिखाई देती हैं, जिनसे पता चलता है कि बॉबी के किरदार ने उसे एक खतरनाक ऑपरेटिव बनाने के लिए सालों तक तैयार किया है। टीज़र आलिया के किरदार को एक बहुत अच्छी तरह से ट्रेंड मर्डर्र के तौर पर दिखाता है और दोनों किरदारों के बीच मेंटर-शिष्य (गुरु-चेले) जैसे रिश्ते का संकेत देता है।
टीज़र रिलीज़ होने के तुरंत बाद, सोशल मीडिया यूज़र्स ने 'अल्फा' और फ़्रेंच एक्शन-थ्रिलर 'ला फ़ेम निकिता' के बीच समानताएं बतानी शुरू कर दीं। कई दर्शकों ने गौर किया कि दोनों कहानियां एक ऐसी महिला के इर्द-गिर्द घूमती हैं जिसे एक खैफनाक तरीके से खून खराब करने के लिए तैयार किया जाता है, ट्रेनिंग दी जाती है। कई यूज़र्स ने उस फ़्रेंच क्लासिक फ़िल्म के क्लिप और तस्वीरें शेयर कीं और कहा कि 'अल्फा' की शुरुआत में दिखाई गई कहानी जानी पहचानी लग रही है।
कुछ लोगों का तो यह भी कहना था कि बॉबी देओल और आलिया भट्ट के किरदारों के बीच का तालमेल, 'ला फेम निकिता' (La Femme Nikita) के हैंडलर्स और मुख्य किरदार के रिश्ते जैसा है। इससे यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या 'अल्फा' (Alpha) उस फ़्रेंच फ़िल्म से प्रेरित है या नहीं।
1990 में रिलीज़ हुई और मशहूर फ़्रेंच फ़िल्ममेकर ल्यूक बेसन द्वारा निर्देशित, 'ला फेम निकिता' निकिता नाम की एक परेशान युवा महिला की कहानी है। एक रॉबरी के दौरान पुलिस अफ़सर की हत्या के आरोप में गिरफ़्तार होने के बाद उसकी ज़िंदगी पूरी तरह बदल जाती है।
जेल भेजने के बजाय, निकिता को चुपके से एक गुप्त सरकारी एजेंसी में भर्ती कर लिया जाता है। उसकी मौत का ड्रामा रचा जाता है और उसे एक प्रोफेशनल हत्यारी (assassin) बनने की ट्रेनिंग दी जाती है। समय के साथ, वह एक समझदार और बेहद कुशल ऑपरेटिव बन जाती है, जिसे खतरनाक मिशन पूरे करने का काम सौंपा जाता है।
हालांकि, जैसे-जैसे वह अपनी नई ज़िंदगी में ढलती है, निकिता खुद को एक सरकारी मर्डर्र के तौर पर अपनी ड्यूटी और एक सामान्य ज़िंदगी जीने की अपनी इच्छा के बीच फंसी हुई पाती है। यह फ़िल्म आगे चलकर एक 'कल्ट क्लासिक' बन गई और इसे अब तक की सबसे प्रभावशाली महिला-प्रधान एक्शन थ्रिलर फ़िल्मों में से एक माना जाता है।