बॉलीवुड के उभरते सितारे इशान खट्टर ने अपनी फिल्म 'होमबाउंड' को करियर का सबसे खास पड़ाव बताया है। सातवें आइकॉनिक गोल्ड अवॉर्ड्स में बेस्ट एक्टर जूरी चॉइस अवॉर्ड जीतने के बाद इशान ने कहा कि निर्देशक नीरज घायवान की ये फिल्म उनके लिए सिर्फ सिनेमा नहीं, बल्कि एक गहरा इमोशनल अनुभव है। कांस फिल्म फेस्टिवल में 9 मिनट की खड़े होकर तालियों से स्वागत और ऑस्कर 2026 के लिए भारत की ऑफिशियल एंट्री बनने के बाद ये फिल्म इशान के दिल में हमेशा स्पेशल रहेगी।
इशान ने अवॉर्ड स्वीकार करते हुए कहा, "ये मेरा दूसरा आइकॉनिक गोल्ड अवॉर्ड है 'पिप्पा' के बाद, और वो फिल्म जिस पर मुझे बेहद गर्व है। 'होमबाउंड' मेरी करियर की उन उपलब्धियों में से एक है जो हमेशा दिल के करीब रहेगी।" फिल्म दो बचपन के दोस्तों शोएब (इशान) और चंदन (विशाल जेठवा) की कहानी है, जो पुलिस भर्ती का सपना देखते हैं। लेकिन जातिवाद, गरीबी और सिस्टम की क्रूरता उनकी दोस्ती को तोड़ देती है। नीरज घायवान ने असल घटना से प्रेरित इस स्क्रिप्ट को इतनी संवेदनशीलता से बुना है कि ये सामाजिक अन्याय को आईना दिखाती है।
कांस में अन सर्टेन रिगार्ड सेक्शन में प्रीमियर के दौरान मिले स्टैंडिंग ओवेशन ने इशान को भावुक कर दिया। उन्होंने बताया, "स्क्रिप्ट पढ़ते ही दोनों किरदारों की पहचान बचाने की जद्दोजहद ने मुझे बांध लिया। शोएब और चंदन का भविष्य तय लगता है, लेकिन उनकी जिद और सम्मान की लड़ाई फिल्म का दिल है।" विशाल जेठवा ने भी शेयर किया कि रिक्रूटमेंट ऑफिस वाला पहला सीन उनके लिए सबसे मुश्किल था, जहां चंदन अपनी पहचान पर शर्मिंदा महसूस करता है। जाह्नवी कपूर भी अहम भूमिका में हैं। मार्टिन स्कॉर्सेसी एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं, जबकि करण जोहर, अपूर्वा मेहता और अदर पूनावाला प्रोड्यूसर हैं।
फिल्म ने कांस से लेकर गोल्ड अवॉर्ड्स तक सराहना बटोरी। इशान ने कहा, "ये फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को झकझोरने वाली है। मुझे उम्मीद है लोग इसे बार-बार देखेंगे।" नीरज की 'मासान' के बाद ये दूसरी मास्टरपीस है। इशान का सफर 'बियोंड द क्लाउड्स' से 'होमबाउंड' तक इंस्पायरिंग है। फैंस ऑस्कर की रेस में भारत के लिए दुआ कर रहे हैं। ये फिल्म दोस्ती, महत्वाकांक्षा और सिस्टम के खिलाफ जंग की मार्मिक दास्तान है।