Anupama Spoiler: राही ने पार की मर्यादा, दिग्विजय संग मां के रिश्ते पर उठाए सवाल... गुस्से में बेकाबू होकर अनुपमा ने जड़ा थप्पड़

Anupama Spoiler: अनुपमा ने दिग्विजय के साथ अपने रिश्ते पर सवाल उठाने और अनुज की जगह उन्हें देने का आरोप लगाने पर बेटी राही को थप्पड़ जड़ दिया। इस अपमान से आहत होकर राही ने घर छोड़ने का मन बना लिया है, जबकि अनुपमा ने अब समाज के डर के बजाय अपनी शर्तों पर जीने का फैसला किया है।

अपडेटेड May 09, 2026 पर 2:39 PM

टीवी सीरियल 'अनुपमा' में इन दिनों हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है। शो में माँ और बेटी के बीच की कड़वाहट अब उस मोड़ पर पहुंच गई है जहां से वापसी करना मुश्किल लग रहा है। हालिया घटनाक्रम में अनुपमा और राही के बीच दिग्विजय को लेकर जबरदस्त टकराव देखने को मिला, जिसने पूरे शाह परिवार को हिला कर रख दिया है।

प्रेम और अनुपमा के बीच तीखी बहस

कहानी की शुरुआत प्रेम और अनुपमा की बहस से होती है। प्रेम ने अनुपमा पर यह आरोप लगाकर सबको चौंका दिया कि वह जलन महसूस कर रही हैं। यह सुनकर अनुपमा का दिल टूट जाता है। वह भारी मन से कहती हैं कि क्या कोई मां कभी अपने बच्चों से जल सकती है? लेकिन प्रेम अपनी बात पर अड़ा रहता है और अनुपमा को चुनौती देता है कि वह इस बार उन्हें हराकर रहेगा। घर का माहौल तब और तनावपूर्ण हो जाता है जब परिवार के अन्य सदस्य भी इस बहस में कूद पड़ते हैं। जहां ख्याति अनुपमा के समर्थन में खड़ी नजर आई, वहीं मीता और राही ने तंज कसने का कोई मौका नहीं छोड़ा।


राही के आरोपों ने तोड़ा अनुपमा का सब्र

मामला तब और बिगड़ गया जब राही ने अपनी माँ के चरित्र पर उंगली उठाई। राही ने अनुपमा और दिग्विजय के रिश्ते पर भद्दे सवाल खड़े किए और यहां तक कह दिया कि अनुपमा ने अनुज की जगह अब दिग्विजय को दे दी है। अपनी दिवंगत पति की जगह किसी और का नाम सुनकर अनुपमा अपना आपा खो बैठीं और उन्होंने राही को एक जोरदार थप्पड़ जड़ दिया।

अनुपमा ने रोते हुए राही को समझाने की कोशिश की कि माँ-बेटी का रिश्ता भरोसे की नींव पर टिका होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिग्विजय सिर्फ उनके एक अच्छे दोस्त हैं, क्योंकि दोनों ने जीवन में एक जैसा अकेलापन और दर्द सहा है।

अपनी शर्तों पर जिएगी 'अनु'

इस थप्पड़ के बाद राही के तेवर और कड़े हो गए हैं। उसने साफ़ कह दिया है कि वह इस अपमान को कभी नहीं भूलेगी। वहीं, प्रेम ने भी राही को साथ ले जाने का फैसला कर लिया है। घर के बड़े, जैसे लीला, समाज की दुहाई देकर अनुपमा के चरित्र और दिग्विजय के साथ उनकी दोस्ती पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, इस बार अनुपमा ने झुकने के बजाय लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कह दिया कि वह अब समाज के डर से अपनी जिंदगी नहीं जिएंगी। एपिसोड के अंत में, अनुपमा भावुक होकर अनुज और सावी के सपनों को पूरा करने की कसम खाती हैं और यह संकल्प लेती हैं कि अब वह दूसरों की सोच के बजाय अपनी शर्तों पर आगे बढ़ेंगी।

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