Anurag Kashyap: अनुराग कश्यप ने ‘धुरंधर’ स्टारर रणवीर सिंह की तारीफ, फिल्म के लिए कही ये बड़ी बात

Anurag Kashyap: फिल्म रिलीज के एक महीने बाद फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने धुरंधर पर अपना रिव्यू दिया है। रणवीर सिंह के अनुराग मुरीद हो गए हैं।

अपडेटेड Jan 05, 2026 पर 3:50 PM
Story continues below Advertisement
अनुराग कश्यप ने ‘धुरंधर’ स्टारर रणवीर सिंह की तारीफ

Anurag Kashyap: अनुराग कश्यप ने हाल में ही धुरंधर की जमकर तारीफ की है। दर्शक और समीक्षक दोनों ही ‘धुरंधर’ में रणवीर सिंह की परफॉर्मेंस की जमकर तारीफ कर रहे हैं। अपने करियर में कई बेहतरीन और अलग-अलग किरदार निभा चुके रणवीर ने इस फिल्म में एक और शानदार प्रदर्शन दिया है, जिसे कई लोग उनका अब तक का सबसे संतुलित, आत्मविश्वासी और बेहतरीन अभिनय मान रहे हैं।

इस परफॉर्मेंस की सबसे खास बात है इसकी सच्चाई और मजबूती। रणवीर किसी सीन को निभाते नहीं, बल्कि उसे पूरी तरह जीते हैं। उनकी हर नजर, हर ठहराव और भावनाओं की संयमित तीव्रता बहुत सोच-समझकर की गई लगती है। उनके अभिनय में एक खास तरह की शांति है, जो तभी आती है जब अभिनेता अपने हुनर को लेकर पूरी तरह निश्चिंत होता है। यही आत्मविश्वास अनुभवी फिल्ममेकर्स से लेकर पहली बार फिल्म देखने वालों तक, सभी को प्रभावित कर रहा है।

फिल्म और रणवीर की परफॉर्मेंस की तारीफ करते हुए अनुराग कश्यप ने लिखा-“कोई जासूस तब तक जासूस नहीं हो सकता जब तक उसके अंदर दुश्मन देश के खिलाफ गुस्सा और नफरत न हो। एक सैनिक भी तब तक सैनिक नहीं हो सकता जब तक उसमें दुश्मन देश के लिए आक्रोश न हो। इन दोनों बातों पर मुझे कोई समस्या नहीं है। लेकिन दो सीन ऐसे हैं, जिनसे मुझे दिक्कत है — एक जब माधवन कहते हैं ‘एक दिन ऐसा आएगा जब जो देश के बारे में कोई सोचेगा…’ और दूसरा आखिर में जब रणवीर कहते हैं ‘ये नया इंडिया है’। इन दो डायलॉग्स को छोड़ दें तो यह एक अच्छी फिल्म है।”


उन्होंने आगे लिखा- दरअसल यह एक शानदार फिल्म है, जो पूरी तरह पाकिस्तान में सेट है। मैं आदित्य धर को उनकी नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली फिल्म ‘बूंद’ के समय से जानता हूं। यह उनकी राजनीति है — सच्ची राजनीति। आप इससे सहमत हों या असहमत, लेकिन वह ईमानदार इंसान हैं, दूसरों की तरह मौके का फायदा उठाने वाले नहीं। उनकी लगभग सभी फिल्में कश्मीर पर आधारित हैं। वह एक कश्मीरी पंडित हैं और उन्होंने बहुत कुछ सहा है।

आप उनसे बहस कर सकते हैं या उन्हें उनके हाल पर छोड़ सकते हैं। फिल्ममेकिंग बेहद शानदार है। अगर आपको ‘द हर्ट लॉकर’, ‘जीरो डार्क थर्टी’ या ‘हाउस ऑफ डायनामाइट’ पसंद है, तो यह फिल्म भी पसंद आएगी। ये सभी अमेरिका पर बनी ऑस्कर जीतने वाली प्रोपेगेंडा फिल्में हैं। मैंने उन दो प्रोपेगेंडा डायलॉग्स को नजरअंदाज किया और फिल्ममेकिंग और निर्देशक की जिद को पसंद किया। रणवीर सिंह की परफॉर्मेंस मेरी फेवरेट है — बहुत सिक्योर। अगर मुझे इसकी राजनीति पर बहस करनी हो, तो मैं आदित्य धर को फोन करूंगा। लेकिन यह एक अहम फिल्म है।”

दर्शकों का रिस्पॉन्स भी बेहद शानदार रहा है। सोशल मीडिया पर लगातार उनकी तारीफ हो रही है और लोग उनकी परफॉर्मेंस को “सबसे बेहतरीन”, “जबरदस्त” और “गहरा असर छोड़ने वाली” बता रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि रणवीर जिस तरह तीव्रता और संयम के बीच संतुलन बनाते हैं, वही उनके किरदार को फिल्म खत्म होने के बाद भी यादगार बना देता है।

यही वजह है कि रणवीर सिंह को अक्सर अपनी पीढ़ी का सबसे बेहतरीन अभिनेता कहा जाता है। उनके निडर फैसले, किरदार में ढलने की मेहनत और अभिनय में सच्चाई के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें दूसरों से अलग बनाती है।

जब अनुराग कश्यप जैसे फिल्ममेकर किसी परफॉर्मेंस को अपनी फेवरेट बताते हैं और उसे “बहुत सिक्योर” कहते हैं, तो यह सिर्फ तारीफ नहीं, बल्कि अभिनय की ऊंचाई पर पहुंचने की पहचान है। ‘धुरंधर’ में रणवीर सिंह न सिर्फ उम्मीदों पर खरे उतरते हैं, बल्कि उन्हें और ऊंचा उठाते हैं, और एक बार फिर भारतीय सिनेमा में अपनी टॉप पोज़िशन को मजबूत करते हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।