AR Rahman'30 Years in Hindi Film Industry: ऑस्कर विजेता एआर रहमान का इस साल हिंदी फिल्म संगीत क्षेत्र में 30 साल पूरा हो रहा है। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में उनका सफर वर्ष 1995 में रंगीला से शुरू हुआ था। रंगीला से शुरू तीस साल के सफर में 'संगीत गुरु' रहमान पद्म भूषण, छह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, दो ऑस्कर पुरस्कार, दो ग्रैमी पुरस्कार, एक BAFTA पुरस्कार और एक गोल्डन ग्लोब पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं। उन्होंने भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी फिल्म इंडस्ट्रीज के दिग्गजों के साथ काम किया है।
जिंदगी के एक क्षेत्र में रह गए पीछे
एआर रहमान देश-दुनिया में काफी मशहूर हैं। संगीत की दुनिया में वह शिखर पर हैं। इसके बावजूद एक मामले में वह पीछे रह गए हैं। मीडिया इंटरव्यू में इस बात का जिक्र करते हुए वह कहते हैं कि वह अकेले रहते हैं और दोस्ती के मामले में पीछे रह गए हैं। इसकी वजह भी है, काम। वह कहते भी हैं कि उनके पास दोस्त थे, लेकिन एक गाना बनाने में आठ घंटे लगेंगे, तो वह उस पर जुट जाते हैं। उनका मंत्र है कि ज्यादा समय, बेहतर काम और बेहतर संतोष। रहमान ज्यादा दोस्त बनाने के लिए काम में कटौती नहीं करते हैं। उनका मंत्र है कि जब संगीत के क्षेत्र में कुछ नया करना हो तो हर बॉक्स टिक हो जाए और ऐसा करते-करते 30 साल गुजर गए। उन्होंने खुलासा किया वह करीबी सहयोगियों मणि रत्नम और इम्तियाज अली से भी मिल नहीं पाते। उनका कहना है कि जब वह भारत में होते हैं तो उनके पास समय नहीं होता है और होता भी है तो वह नया प्रोजेक्ट बनाने की कोशिश करते हैं या नए आइडिया सोचते हैं।
कम समय देने के बावजूद दोस्तों के शुक्रगुजार
एआर रहमान कहते हैं कि वह अपनी ही दुनिया में हैं और अपने करीबी दोस्तों से भी मिलने का वक्त नहीं निकाल पाते हैं। इसके बावजूद जब इस साल मार्च में गर्दन के दर्द के कारण अस्पताल में भर्ती होने पर दोस्तों ने उन्हें शुभकामनाएं भेजीं तो उन्होंने काफी आभार महसूस किया। दोस्तों के लिए फिर वह समय कैसे निकालते हैं, इसे लेकर उनका कहना है कि वह उन्हें अपनी प्रार्थना में शामिल करते हैं और यही वह तरीका है जिससे वह अपनी दोस्ती का जश्न मनाते हैं।