Bhay The Gaurav Tiwari Mystery: ‘भय – द गौरव तिवारी मिस्ट्री’ ने e4m प्ले अवॉर्ड्स में शानदार सफलता हासिल की है। इस सीरीज़ को बेस्ट थ्रिलर...हॉरर सीरीज़ का पुरस्कार मिला, वहीं लीड एक्टर करण टैकर को सीरीज़ में उनके बेहतरीन अभिनय के लिए बेस्ट एक्टर (मेल) – सीरीज़ का अवॉर्ड दिया गया।
अमेज़न MX प्लेयर पर स्ट्रीम हुई इस सीरीज़ ने अपनी रोमांचक कहानी, रहस्यमयी माहौल और भावनात्मक प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीता। यह शो फेमस पैरानॉर्मल रिसर्चर गौरव तिवारी के जीवन और उनकी जांचों से प्रेरित है। अलमाइटी मोशन पिक्चर द्वारा निर्मित और रॉबी ग्रेवाल द्वारा निर्देशित इस सीरीज़ ने ओटीटी की भीड़ में अपनी अलग पहचान बनाई। समीक्षकों ने इसे सराहा था।
सीरीज़ और इसके मुख्य अभिनेता को मिला यह सम्मान इस बात का सबूत है कि शो ने देशभर के दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी है। करण टैकर ने गौरव तिवारी के किरदार को बेहद संवेदनशीलता और वास्तविकता के साथ निभाया, जिससे यह साल के सबसे चर्चित डिजिटल प्रदर्शनों में शामिल हो गया।
e4m प्ले अवॉर्ड्स में मिली यह दोहरी सफलता पूरी क्रिएटिव टीम की मेहनत, जुनून और समर्पण को दर्शाती है। ऐसे समय में जब दर्शक बेहतर और अलग तरह का कंटेंट देखना चाहते हैं, ‘भय’ ने साबित किया कि भारतीय कहानियां भी विश्वस्तरीय थ्रिलर और हॉरर कंटेंट को कड़ी टक्कर दे सकती हैं। अलमाइटी मोशन पिक्चर के लिए यह सम्मान उनकी रचनात्मक यात्रा का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह कंपनी लगातार नए, प्रभावशाली और महत्वाकांक्षी विषयों पर काम कर रही है।
निर्देशक रॉबी ग्रेवाल ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा- “यह अवॉर्ड मेरे लिए बेहद खास है क्योंकि यह मुझे उस समय की याद दिलाता है जब ‘भय’ की शुरुआत हुई थी। शुरुआत से ही इस कहानी में कुछ ऐसा था जिसने मुझे आकर्षित किया। मैं इस कहानी को पर्दे पर लाने का हिस्सा बनना चाहता था। पूरी टीम ने इस प्रोजेक्ट में दिल से मेहनत की। दर्शकों का प्यार और अब यह सम्मान मिलना बेहद संतोष देने वाला है।”
निर्माता प्रभलीन संधू ने कहा- “हर कहानी और प्रोजेक्ट के पीछे बहुत मेहनत होती है। हम अपने हर काम में दिल, समय और विश्वास लगाते हैं। अवॉर्ड सिर्फ तैयार प्रोजेक्ट का नहीं, बल्कि उसके पीछे की अनगिनत घंटों की मेहनत, चुनौतियों और टीमवर्क का सम्मान होता है। सबसे खुशी की बात यह है कि दर्शकों ने इस सीरीज़ को इतना प्यार दिया। उनके विश्वास से बड़ा कोई पुरस्कार नहीं हो सकता।”