1970 का दशक खत्म हो रहा था। इसी दौरान एक युवा उधार के 3000 रुपये, इंग्लिश लिट्रेचर की डिग्री और अमूमन आधा भरा पेट लेकर मुंबई पहुंचा। उसकी पहली नौकरी में उसे सिर्फ 350 रुपये महीने की सैलरी मिली। लंबी ट्रेन और बस की यात्रा के बाद उसके पास बमुश्किल भर पेट खाना खाने के लिए पैसे बचते थे। मिसल पाव और बटाटा वड़ा उसका रोज का खाना था। ये शख्स शाम कौशल थे, विकी कौशल जिनके बेटे हैं। जिनकी फिल्में ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर 800 करोड़ रुपये कमाती हैं। (Photo : News18 Hindi)
बॉलीवुड में एक्शन डायरेक्टर के तौर पर सम्मान पाने से पहले शाम कौशल के पास फिल्म इंडस्ट्री में कोई संपर्क नहीं था। बल्कि उन्होंने तो कभी इसका हिस्सा बनने का सपना भी नहीं देखा था। वो तो पंजाब में अंग्रेजी के लेक्चरर बनना चाहते थे, लेकिन पैसों की तंगी की वजह से वो सपना पूरा नहीं हो सका। (Photo : News18 Hindi)
वो 1978 में चेंबूर में 350 रुपये की नौकरी के लिए आए थे। मगर, एक साल बाद वो भी छूट गयी। इसके बाद कौशल ने खुद से दो वादे किए, एक वो अब कभी नौकरी नहीं करेंगे और दूसरा वो मुंबई को छोड़कर कभी नहीं जाएंगे। (Photo : News18 Hindi)
एक मौके ने उनकी जिंदगी बदल दी। कुछ पंजाबी जान-पहचान वालों ने उन्हें स्टंटमैन की यूनियन से जुड़ने की सलाह दी। इसकी फीस 1000 रुपये थी, जिसे दे पाना उनके लिए असंभव था, मगर दोस्तों से मदद की। ये फैसला उन्हें फिल्म सेट तक ले आया। (Photo : News18 Hindi)
वो उस समय के मश्हूर एक्शन डायरेक्टर से मिले, जिन्हें कौशल पसंद आए और उन्हें अनौपचारिक रूप से रख लिया। कौशल वहां हेल्पर थे और उन्होंने चाय लाने, बैग लेकर चलने से शुरुआत की। फिर धीरे-धीरे फाइट सीन कोरियोग्राफ करने के काम में जुड़ने लगे। शुरुआत में उन्होंने बिना पैसे के काम किया। बाद में उन्होंने एक अन्य एक्शन सीक्वेंस के दिग्गज पप्पू वर्मा के साथ ट्रेनिंग ली। (Photo : News18 Hindi)
1983 में आई सनी देओल की ‘बेताब’ में उन्हें पहला ब्रेक मिला। इस फिल्म में काम करने के लिए उन्हें 500 रुपये मिले। यह उनकी जिंदगी में आगे बढ़ने का पहला कदम था। 1990 का दौर आते-आते वो एक्शन जगत का जाना-पहचाना नाम बन चुके थे। (Photo : News18 Hindi)
मगर, किस्मत को अभी उन्हें और आजमाना था। ‘लक्ष्य’ की शूटिंग के दौरान उन्हें भयंकर दर्द हुआ। उन्हें कैंसर होने का पता चला। उन्होंने इंडस्ट्री में किसी को इसके बारे में नहीं बताया, सोचा शायद वो ब्लैकलिस्ट कर दिए जाएंगे। वो सिर्फ बच्चों को बड़ा करने के लिए थोड़ा और समय मिलने की दुआ मांगते रहे। आखिरकार ढेरों सर्जरी के बाद कैंसर आगे नहीं बढ़ा और वो पूरी तरह ठीक हो गए। (Photo : News18 Hindi)
आज दो दशक के बाद शाम कौशल की जिंदगी ने एक दौर पूरा किया है। उनका बेटा विकी कौशल हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का बड़ा नाम बन चुका है, जिसकी फिल्में 800 करोड़ रुपये कमाती हैं। उसी शाम का बेटा, जो कभी ऑफिस के बाहर जमीन पर सोते थे क्योंकि उनके पास डिपॉजिट भरने के पैसे नहीं थे। आज उनके बेटे की फिल्में कभी उनके गुरु रहे वीरू देवगन के बेटे की फिल्मों से बराबरी करती हैं। (Photo : News18 Hindi)
शाम कौशल के दौनों बेटे विकी और सनी कौशल फिल्म इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम बन चुके हैं। उनकी बहू कोई और नहीं कैटरीना कैफ हैं, जिन्होंने विकी से 2021 में शादी की थी। इस परिवार की कहनी किसी फेयरी टेल से कम नहीं है।