Deepika Padukone: करीब दो दशकों से दीपिका पादुकोण ने भारतीय सिनेमा की सबसे प्रोफेशनल और ईमानदार अभिनेत्रियों में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उनकी शानदार अदाकारी ने दुनियाभर के दर्शकों का दिल जीता है, लेकिन जिस बात ने उन्हें सबसे अलग बनाया है, वह है अपने काम के प्रति उनका समर्पण।
उन्होंने हर बार यह साबित किया है कि एक बार किसी फिल्म के लिए हामी भरने के बाद, वह हर परिस्थिति में अपना सौ प्रतिशत देती हैं। अपने पूरे करियर में दीपिका ने हर प्रोजेक्ट को पूरी लगन और जिम्मेदारी के साथ पूरा किया है। हाल ही में 7 महीने की प्रेग्नेंसी के दौरान लगातार शूटिंग करने की खबर ने एक बार फिर इसे साबित कर दिया है।
इसका सबसे बड़ा उदाहरण उनकी पहली प्रेग्नेंसी के दौरान देखने को मिला, जब वह 'सिंघम अगेन' की शूटिंग कर रही थीं। गर्भवती होने के बावजूद उन्होंने फिल्म की शूटिंग जारी रखी और न तो प्रोडक्शन में कोई देरी होने दी और न ही शूटिंग शेड्यूल प्रभावित होने दिया। उन्होंने फिल्ममेकर्स से किए अपने हर वादे को निभाया और यह सुनिश्चित किया कि फिल्म का काम बिना किसी रुकावट के आगे बढ़े।
अब उनकी दूसरी प्रेग्नेंसी के दौरान भी यही कहानी दोहराई जा रही है। कुछ महीने पहले दीपिका अपनी दूसरी संतान की उम्मीद करते हुए 'किंग' की शूटिंग करती नजर आई थीं। अब जब वह अपनी प्रेग्नेंसी के थर्ड ट्राइमेस्टर में हैं, तब भी वह 'राका' की लगातार शूटिंग कर रही हैं। खबरों के मुताबिक, वह लगभग बिना रुके काम कर रही हैं, जिसमें लगातार नाइट शिफ्ट्स भी शामिल हैं। सबसे खास बात यह है कि वह यह सब करते हुए घर पर अपनी डेढ़ साल की बेटी की जिम्मेदारी भी निभा रही हैं।
दीपिका की प्रेग्नेंसी कभी भी फिल्ममेकर्स के लिए शेड्यूल बदलने, शूटिंग टालने या प्रोडक्शन में किसी तरह की परेशानी का कारण नहीं बनी। उन्होंने किसी भी प्रोजेक्ट को बीच में छोड़ने के बजाय, जिन फिल्मों के लिए उन्होंने हामी भरी, उन सभी के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। यह सिर्फ अनुशासन ही नहीं, बल्कि हर फिल्म से जुड़े लोगों, उनकी योजना और उनके निवेश के प्रति उनके सम्मान को भी दर्शाता है।
फिल्म इंडस्ट्री में जहां बड़े बजट की फिल्मों का पूरा काम तय शेड्यूल पर निर्भर करता है, वहां इस तरह की ईमानदारी और प्रोफेशनलिज़्म आसानी से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। दीपिका यह साबित करती हैं कि किसी कलाकार की प्रोफेशनलिज़्म सिर्फ पर्दे पर उसकी परफॉर्मेंस से नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे निभाई गई उसकी जिम्मेदारियों से भी तय होती है।
चाहे 'सिंघम अगेन' के दौरान उनकी पहली प्रेग्नेंसी हो, 'किंग' की शूटिंग के समय दूसरी प्रेग्नेंसी, या अब तीसरे चरण में 'राका' की लगातार शूटिंग—एक चीज़ हमेशा एक जैसी रही है, और वह है अपने काम के प्रति दीपिका पादुकोण का अटूट समर्पण। मातृत्व की जिम्मेदारियों को निभाते हुए भी वह अपने हर प्रोफेशनल कमिटमेंट को पूरी ईमानदारी से पूरा कर रही हैं और बिना किसी समझौते के वर्क-लाइफ बैलेंस की एक मजबूत मिसाल पेश कर रही हैं।
8 घंटे की शिफ्ट की मांग को लेकर जिन लोगों ने उन्हें सवालों के घेरे में खड़ा किया, वही मुद्दा राष्ट्रीय बहस बन गया। लेकिन जब बात अपने काम के प्रति समर्पण की आती है, तो दीपिका पादुकोण जैसी मिसाल बहुत कम देखने को मिलती है। उनकी यही निरंतरता, ईमानदारी और जिम्मेदारी उन्हें भारतीय सिनेमा की सबसे प्रोफेशनल अभिनेत्रियों में से एक बनाती है।