Teesri Begum Movie: तेरी मेहरबानियां, कुदरत का कानून, लाल बादशाह, प्यार झुकता नहीं, नसीब अपना अपना, आज का अर्जुन, फूल बने अंगारे और हम तुम्हारे हैं सनम जैसी सुपरहिट फ़िल्मों के मेकर के सी बोकाडिया इस वीक फिल्म ‘तीसरी बेगम’ लेकर आए हैं। एक रियल लाइफ स्टोरी से प्रेरित तीसरी बेगम एक सोशल ड्रामा है। फिल्म में मुग्धा गोडसे, कायनात अरोड़ा, जरीना वहाब और रचना श्याम जैसे कलाकार हैं। फिल्म को हम रेटिंग-3/5 देते हैं। चलिए जानते हैं कैसी है फिल्म...
बीएमबी प्रोडक्शन के बैनर तले बनी इस फिल्म की कहानी पूजा दीक्षित नाम की एक भोली-भाली युवती के इर्द गिर्द घूमती है, जिसकी शादी धोखे से बब्बन खान से हो जाती है। शादी के बाद पूजा का नाम नगमा रख दिया जाता है और उसे एक चौंकाने वाली सच्चाई पता चलती है कि बब्बन खान की पहले से ही दो पत्नियां हैं। पूजा अपने आप को एक जाल में फंसा हुआ महसूस करती है।
कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब उसे अपनी सौतन शबाना और तबस्सुम का सहारा मिलता है और फिर ये तीनों महिलाएं मिलकर अपनी गरिमा को दोबारा हासिल करने और अपने अत्याचारी पति केखिलाफ खड़े होने का संकल्प लेती हैं। उसके बाद क्या होता है उसके संघर्ष की कहानी जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी...
बॉलीवुड के लगभग सभी सितारों संग 60 से अधिक हिट फ़िल्में बना चुके निर्माता निर्देशक के सी बोकाडिया ने हमेशा हीरोइन ओरिएंटेड सामाजिक सिनेमा रचा है। उनकी लेटेस्ट फिल्म तीसरी बेगम भी सोशल मुद्दे पर आधारित है और महिला सशक्तिकरण की बात करती है।
जहां तक निर्देशक के सी बोकाडिया के डायरेक्शन की बात है उन्होंने अपना काम सौ प्रतिशत किया है। इतने संवेदनशील विषय को उन्होंने बड़ी अनुभवी नजरों से हैंडल किया है। कई सामाजिक सवालों को उठाती फिल्म के हर पहलू पर उनकी गहरी समझ नजर आती है चाहे कलाकारों से अभिनय करवाना हो या कोई संवाद अदा करवाना किसी दृश्य को असरदार बनाना हो या कहीं केवल चेहरे के हावभाव से एक्टिंग करवाना हो उन्हें अपना काम बखूबी आता है।
लखनऊ और बनारस की रियल लोकेशन पर शूट इस फिल्म के सीन दर्शकों को कहानी से जुड़ने में मदद करते हैं। लोकेशन भी एक किरदार की तरह प्रतीत होती है। जहां तक अदाकारी की बात है मुग्धा गोडसे, कायनात अरोड़ा, जरीना वहाब,केविन गांधी और रचना श्याम ने अपने अपने किरदारों को अच्छे से निभाया है। कहीं-कहीं कहानी आपको थोड़ा सा निराश भी करती है, तो कहीं तालियां बजाने पर मजबूर कर देती है।
तीसरी बेगम का संगीत भी इसका प्लस पॉइंट है। काबिल तकनीशियन से सजी फिल्म के शानदार एक्शन सीन डिज़ाइन किए गए हैं। फिल्म तीसरी बेगम आपको देखनी चाहिए क्योंकि ये महिला सशक्तिकरण की बात को प्रभावी रूप से कहती है और यह एक कमर्शियल सिनेमा है। इसमे एक्शन है म्युज़िक है अच्छे डायलॉग हैं कुछ बेहतरीन अदाकारी है।