Roi Roi Binale: आंखों में आंसू, दिल में दर्द और पर्दे पर जुबिन गर्ग… ये नजारा सुबह से आज असम के हर सिनेमाघर में देखा जा रहा है। असम की आन बान और शान दिवंगत सिंगर जुबिन गर्ग की आखिरी फिल्म ‘रोई रोई बिनाले’ आज रिलीज हो गई। पोस्टर में जुबिन समुद्र के पानी को छूते दिख रहे हैं। इत्तेफाक कहिए या नियति कि समुद्र ने ही 19 सितंबर को सिंगापुर में उनकी जान ले ली थी। जुबिन ने जिंदगी में लोगों को हमेशा आपस में जोड़ने का काम किया है। ये काम उनके निधन के बाद और तेजी से हो रहा है।
फिल्म ‘रोई रोई बिनाले’ में उन्होंने एक अंधे सिंगर का किरदार निभाया है, जो समुद्र को महसूस करना चाहता है। इस फिल्म का नाम ही असम भाषा में ‘रोई रोई बिनाले’ है, जिसका हिंदी अर्थ है ‘रुक-रुक कर रोना’, जो आज असम के साथ पूरे भारत में हर घर जुबिन गर्ग का फैन रियल में महसूस कर रहा है। फिल्म देख हर किसी की आंखों से आंसू निकल रहे हैं।
फिल्म की रिलीज से पहले ही इसका जादू फैंस के बीच देखने लायक था। असम के लगभग 80 सिनेमाघरों ने अपने सभी दूसरे शो को कैंसिल कर सिर्फ ‘रोई रोई बिनाले’ को दिखाया। इतना ही नहीं, राज्य में पहली बार 4:25 बजे सुबह का शो आयोजित किया गया। बंद पड़े दो थिएटर को सालों बाद खास इस फिल्म के लिए ओपन किया गया, जो हैं जगीरोड का गणेश टॉकीज और नलबाड़ी के तिहू का गांधी भवन। फिल्म ने असम सिनेमा की तस्वीर को बदल कर रख दिया है। फिल्म ने रिलीज से पहले ही 50 लाख रुपये का तारीफ काबिल बिजनेस कर लिया था, जो असम की किसी भी फिल्म के लिए बड़ी बात है।
NRD ग्रुप के CMD और मैट्रिक्स सिनेमैक्स के मालिक नृपेन दास ने बताया कि रोई रोई बिनाले का देश का गुवाहाटी में सबसे पहला शो सुबह 4 बजकर 25 मिनट पर शुरू हुआ। यह बुकिंग शुरू होते ही हाउसफुल हो गया। सारे टिकट बिक गए। यह असम के इतिहास में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने बताया कि जो भी दर्शक थिएटर में फिल्म देखने आ रहे हैं, उन्हें जुबीन गर्ग की याद स्वरूप एक-एक पौधा भी उपहार में दिया जा रहा है।
लेखिका रीता चौधरी से आखिरी बातचीत में जुबिन इस फिल्म का जिक्र किया था। सिंगर ने कहा था- ‘ये कहानी मेरे पास 19 साल से रखी हुई है।’ वह इस फिल्म के लिए सिंगर पिछले 3 साल से जी तोड़ मेहनत कर रहे थे। फिल्म समुद्र के ईर्द-गिर्द घूमती है।
फिल्म की रिलीज से कुछ दिन पहले, जुबीन की पत्नी गरिमा ने उनका एक लेटेर सोशल मीडिया पर शेयर किया था, जो उन्होंने 15 सितंबर को फैंस के लिए लिखा था। इसमें जुबीन ने लिखा था- ‘रुको, थोड़ा और रुको – मेरी नई फिल्म आ जल्द ही आ रही है। आगे लिखा था जरूर आकर देखना... ढेर सारा प्यार... ज़ुबीन दा’। यह खत आज उनकी आखिरी विदाई का प्रतीक बन गया है।
जुबिन गर्ग की पत्नी और को-प्रोड्यूसर गरिमा सैकिया गर्ग ने इस दुख की घड़ी में अपने पति से किया वादा निभाते हुए 31 अक्टूबर को फिल्म रिलीज कर दी है। असम सरकार ने भी ऐलान किया है कि ‘रोई रोई बिनाले’ से मिलने वाले राज्य के जीएसटी हिस्से को जुबिन के ‘कलागुरु आर्टिस्ट फाउंडेशन’ को दान कर दिया जाएगा। यह सिंग की वह संस्था है, जो उन्होंने कलाकारों और बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए बनाई थी।