हग डे पर बॉलीवुड की उन फिल्मों की याद ताजा हो जाती है, जहां सादे से आलिंगन ने दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी। ये हग सिर्फ शारीरिक स्पर्श नहीं, बल्कि भावनाओं का पुल बने, गुस्से को प्यार में बदलते, दर्द को राहत देते हैं। आइए, हर फिल्म को अलग-अलग देखें कि कैसे ये सीन आज भी प्रासंगिक हैं।
2003 की इस आइकॉनिक फिल्म में संजय दत्त उर्फ मुन्ना और सुनील दत्त के बीच का क्लाइमेक्स सीन आज भी आंसू ला देता है। पिता हरिप्रसाद (सुनील दत्त) बेटे मुन्ना को देखकर कहते हैं, "तूने अपनी मां को तो बहुत जादू की झप्पी दी है, आज अपने बाप के गले भी लग जा।" दोनों का गले मिलना स्क्रिप्ट का हिस्सा नहीं था।
शाहरुख खान और काजोल की 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' (1995) में ट्रेन का आखिरी सीन याद है? राज (शाहरुख) सिमरन (काजोल) को गले लगाकर कहता है, "बस इतना सा रिश्ता है... आजा!" यह हग सालों के इंतजार और परिवारिक बंधनों का चरम था।
करण जौहर की 2001 फिल्म में हृतिक रोशन (रोहन) पिता अमिताभ बच्चन को पहचानते ही गले लग जाते हैं। लंबे अरसे बाद मिला परिवार यह हग दर्द, गलतफहमी और माफी का मेल था। अमिताभ का भावुक चेहरा और हृतिक की ताकतवर बाहें सीन को अविस्मरणीय बनाती हैं। यह बॉलीवुड के फैमिली ड्रामा का परफेक्ट उदाहरण है।
अनिल कपूर, नाना पाटेकर और अख्शय कुमार वाली 2007 कॉमेडी में भाइयों का आपसी हग हंसी-रोने का तड़का था। गैंगस्टर बनाम भाईचारा यह सीन परिवार के प्यार को हल्के-फुल्के अंदाज में दिखाता है। दर्शकों ने इसे हंसते-हंसते तालियां दीं।
रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण का 2013 वाला सीन दोस्ती से प्यार का सफर दिखाता है। ट्रेकिंग के बीच गले लगना—यह हग आजादी और नॉस्टैल्जिया का प्रतीक है। आशुतोष गोस्वामी ने इसे युवाओं के दिलों में बसा दिया।
सलमान खान और छोटी मुन्नी (हर्षाली मल्होत्रा) के बीच का रिश्ता मासूमियत और इंसानियत से भरा है। जब बजरंगी उसे गले लगाता है, तो यह सीन हर दर्शक की आंखों को नम कर देता है। यह झप्पी सीमाओं से परे इंसानियत की ताकत दिखाती है।
रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण की यह फिल्म प्यार और बलिदान की गाथा है। जब बाजीराव और मस्तानी गले मिलते हैं, तो दर्शक उनके दर्द और मोहब्बत को गहराई से महसूस करते हैं। यह आलिंगन प्रेम की अमरता का प्रतीक बन जाता है।
हग डे हमें याद दिलाता है कि एक झप्पी रिश्तों को मजबूत करने, दर्द को कम करने और प्यार जताने का सबसे आसान तरीका है। बॉलीवुड की इन झप्पियों ने हमें सिखाया कि चाहे दोस्ती हो, मोहब्बत हो या इंसानियत – गले लगना हर रिश्ते को खास बना देता है।