Hanuman Ansh Movie: 'हनुमान अंश' का शो किया रद्द तो मुंबई का मशहूर Gaiety Galaxy थिएटर पर पड़ गया ताला? सामने आई बंदी की पूरी कहानी
Hanuman Ansh Movie: मुंबई के बांद्रा स्थित मशहूर 'गायटी-गैलेक्सी (Gaiety Galaxy)' थिएटर में फिलहाल फिल्मों के शो रोक दिए गए हैं। पुलिस की ओर से थिएटर के बाहर लगाए गए नोटिस में लाइसेंस रिन्यू न होने को अस्थायी बंदी की वजह बताया गया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ लोग इस बंदी को इस समय चर्चा में चल रही 'हनुमान अंश' से जोड़कर देख रहे हैं
Hanuman Ansh Movie: कुछ रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि 'हनुमान अंश' को लेकर हंगामे के बाद थिएटर बंद करना पड़ा
Hanuman Ansh Movie: मुंबई के बांद्रा स्थित देश के मशहूर सिनेमा हॉल 'गायटी-गैलेक्सी' के अचानक बंद होने को लेकर सोशल मीडिया पर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि चर्चित 'हनुमान अंश' का शो रद्द करते ही थिएटर बंद हो गया। एक यूजर ने सोशल मीडिया पर लिखा, "हनुमान अंश फिल्म हटाई थिएटर बंद। मुंबई के Gaiety Galaxy सिनेमा के साथ यही हुआ है। थिएटर में हनुमान अंश चल रही थी थिएटर वालो ने बिना बताए फिल्म हटा दी और सिनेमा का हाल किराए पर दे दिया।" इस खबर के बाद लोग अब 'हनुमान अंश' फिल्म का वो सीन याद कर रहे है जब बाबा नीम करौली को ट्रेन से उतार दिया जाता है और ट्रेन रुक जाती है।
क्या है पूरा माजरा?
'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को मुंबई पुलिस ने थिएटर में 'हनुमान अंश' समेत अन्य फिल्मों के शो रोक दिए गए। शुरुआत में मामला एक फिल्म की स्क्रीनिंग को लेकर हुए विवाद से जुड़ा बताया गया। लेकिन पुलिस की जांच में थिएटर के लाइसेंस को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है। दरअसल, कुछ हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता गायटी-गैलेक्सी पहुंचे थे। उन्होंने थिएटर में 'हनुमान अंश' की स्क्रीनिंग नहीं किए जाने को लेकर कथित तौर पर हंगामा किया।
इसी दौरान वहां चल रही 'मिर्जापुर: द मूवी' के पोस्टर फाड़े जाने की भी बात सामने आई। विवाद बढ़ने के बाद मुंबई पुलिस को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और थिएटर से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। इसी जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि थिएटर का मनोरंजन लाइसेंस लंबे समय से रिन्यू नहीं हुआ था। इसके बाद पुलिस ने थिएटर मैनेजर को तत्काल शो बंद करने का निर्देश दिया।
आखिर 'गायटी-गैलेक्सी' में हुआ क्या था?
एक्सप्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि गायटी-गैलेक्सी यानी G7 Multiplexes में कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े कार्यकर्ता पहुंचे थे। उनका कथित आरोप था कि थिएटर में चर्चित धार्मिक फिल्म 'हनुमान अंश' को दिखाया नहीं जा रहा है। इसी मुद्दे पर थिएटर परिसर में बहस और हंगामा हुआ।
बताया जा रहा है कि मामला बढ़ने पर कथित तौर पर 'Mirzapur The Movie' के पोस्टर भी फाड़ दिए गए। स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने थिएटर के जरूरी दस्तावेजों की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि थिएटर का लाइसेंस 2021-22 से रिन्यू नहीं हुआ था।
पुलिस ने तुरंत बंद कराया थिएटर
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, किसी भी सिनेमा हॉल को चलाने के लिए वैध मनोरंजन लाइसेंस जरूरी होता है। यह लाइसेंस मुंबई पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी किया जाता है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया गया कि जब यह सामने आया कि थिएटर के पास वैध लाइसेंस नहीं है, तो मैनेजर को तत्काल हॉल बंद करने का आदेश दिया गया। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि गायटी-गैलेक्सी का लाइसेंस 2021-22 के बाद रिन्यू नहीं हुआ था। इसी वजह से थिएटर मालिक को औपचारिक नोटिस दिया गया।
थिएटर के बाहर लगाए गए 12 नोटिस
गायटी-गैलेक्सी की दीवारों पर करीब 12 नोटिस लगाए जाने की बात भी सामने आई है। इन नोटिस में फिल्मों के शो बंद किए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पुलिस ने केवल थिएटर को औपचारिक नोटिस जारी किया था। दीवारों पर लगाए गए अन्य नोटिस पुलिस ने नहीं लगाए। बल्कि थिएटर मैनेजमेंट ने उन्हें वहां लगाया था।
मैनेजमेंट ने बताई अलग वजह
वहीं, G7 Multiplexes के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मनोज देसाई ने थिएटर बंद होने की वजह तकनीकी खराबी बताई है। देसाई ने स्पष्ट किया कि फिलहाल मामला लाइसेंस का नहीं है। उनका कहना है कि थिएटर की कुछ केबल जल गई हैं। उन्हें बदलने की जरूरत है। नई केबल की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह काम पूरा होने तक स्क्रीन बंद रहेंगी।
देसाई के मुताबिक, मौजूदा समय में कई बड़ी फिल्में चल रही हैं। ऐसे समय में थिएटर का बंद होना निश्चित तौर पर दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन उनका कहना है कि स्क्रीन की मेंटेनेंस और दर्शकों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। सभी तकनीकी व्यवस्थाएं सही होने के बाद ही थिएटर को दोबारा खोला जाएगा। यानी पुलिस की ओर से जहां लाइसेंस के नवीनीकरण को बंदी का कारण बताया जा रहा है। वहीं, थिएटर मैनेजर इसे तकनीकी कारणों से हुई अस्थायी बंदी बता रहा है।
'हनुमान अंश' स्क्रीन बंद होने से रोजाना लाखों का नुकसान
गायटी-गैलेक्सी के बंद होने का असर केवल दर्शकों पर ही नहीं, बल्कि थिएटर के कारोबार पर भी पड़ सकता है। ट्रेड एनालिस्ट गिरीश वानखेड़े के अनुमान के मुताबिक, गायटी-गैलेक्सी में करीब सात स्क्रीन हैं। एक स्क्रीन एक शो से औसतन करीब 1 से 1.5 लाख रुपये का कारोबार कर सकती है। इसमें सिनेमा का हिस्सा लगभग 50 हजार रुपये के आसपास हो सकता है। उनके अनुमान के मुताबिक, सातों स्क्रीन बंद रहने पर थिएटर को रोजाना करीब 17 से 18 लाख रुपये तक के कारोबार का नुकसान हो सकता है। यदि बंदी सात दिनों तक जारी रहती है, तो नुकसान एक करोड़ रुपये से अधिक पहुंच सकता है।
फिल्मों की रिलीज के बीच बंदी से बढ़ी परेशानी
सबसे ज्यादा नुकसान इसलिए भी हो सकता है क्योंकि फिलहाल थिएटर में 'टॉक्सिक' और 'मिर्जापुर: द मूवी' जैसी मास-ओरिएंटेड फिल्मों को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिलने की उम्मीद है। गायटी-गैलेक्सी लंबे समय से बड़े बजट और मास अपील वाली फिल्मों के लिए खास माना जाता है। यहां 'फर्स्ट-डे-फर्स्ट-शो' के दौरान दर्शकों का जबरदस्त उत्साह, सीटियां और तालियां थिएटर की पहचान रही हैं। ऐसे में बड़ी फिल्मों के प्रदर्शन के दौरान थिएटर का बंद होना मैनेजमेंट के लिए कारोबारी तौर पर बड़ा झटका साबित हो सकता है।
कब खुलेगा गायटी-गैलेक्सी?
फिलहाल, गायटी-गैलेक्सी के दोबारा खुलने की तारीख स्पष्ट नहीं है। मैनेजमेंट न का कहना है कि जली हुई केबलों को बदलने और तकनीकी काम पूरा होने के बाद स्क्रीन दोबारा शुरू की जाएंगी। वहीं, पुलिस की कार्रवाई से यह भी स्पष्ट है कि थिएटर के लाइसेंस का नवीनीकरण एक अहम मुद्दा है। इसलिए थिएटर के दोबारा संचालन के लिए तकनीकी समस्या के साथ लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों का मामला भी महत्वपूर्ण रहेगा।
5 दशक से ज्यादा पुराना है गायटी-गैलेक्सी
मुंबई के फिल्म इतिहास में गायटी-गैलेक्सी की अपनी अलग पहचान है। यह सिर्फ एक सिनेमा हॉल नहीं, बल्कि दशकों से मुंबई की फिल्म देखने की संस्कृति का हिस्सा रहा है। 24 नवंबर 1972 को मनोज देसाई ने इस सिनेमा कॉम्प्लेक्स की शुरुआत की थी। शुरुआत में यहां तीन स्क्रीन गायटी, गैलेक्सी और जेमिनी थी।
इसके बाद में चार और स्क्रीन जोड़ी गईं, जिनके नाम ग्लैमर, जेम, गॉसिप और ग्रेस रखे गए हैं। सिनेमा ने अपनी शुरुआत रमेश सिप्पी की फिल्म 'सीता और गीता' से की थी। इसके बाद यह थिएटर मुंबई में फिल्मों के पहले दिन के पहले शो, दर्शकों की जोरदार सीटियां, तालियां और फिल्मी सितारों के प्रति जबरदस्त उत्साह के लिए खास तौर पर मशहूर हो गया।
फिल्मी सितारों और दर्शकों के लिए खास है यह जगह
गायटी-गैलेक्सी में फिल्म देखना लंबे समय से मुंबई के फिल्म प्रशंसकों के लिए महज मनोरंजन नहीं बल्कि एक अनुभव माना जाता है। किसी बड़ी फिल्म की रिलीज पर यहां दर्शकों का उत्साह कई बार खुद फिल्म के जश्न जैसा नजर आता है। यही वजह है कि अली फजल के लिए भी गायटी में 'मिर्जापुर: द मूवी' का हाउसफुल शो एक भावुक पल बन गया।