बॉलीवुड में बाहरी कलाकारों के लिए अपनी जगह बनाना कभी आसान नहीं रहा, लेकिन जब मेहनत और किस्मत का मेल होता है, तो फर्श से अर्श तक का सफर मुमकिन हो जाता है। अभिनेता हर्षवर्धन राणे की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। हाल ही में अपनी फिल्म 'सनम तेरी कसम' के दोबारा रिलीज होने पर चर्चा में आए हर्षवर्धन अब अपनी अगली बड़ी फिल्म 'Force 3'की शूटिंग में व्यस्त हैं। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर एक ऐसा पोस्ट साझा किया है, जिसने उनके प्रशंसकों का दिल जीत लिया है।
जॉन अब्राहम के लिए भावुक संदेश
हर्षवर्धन राणे ने इंस्टाग्राम पर अपनी फिल्म के निर्माता और बॉलीवुड के एक्शन स्टार जॉन अब्राहम के साथ कुछ तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने जॉन को "दुनिया का सबसे अच्छा निर्माता" बताते हुए एक दिल छू लेने वाला नोट लिखा। हर्षवर्धन ने याद किया कि कैसे एक समय वह केवल जॉन के एक प्रशंसक थे और डिलीवरी बॉय का काम करते थे, और आज वह उन्हीं की फिल्म के सेट पर उनके साथ काम कर रहे हैं।
सपनों का पीछा करने वालों को दिया हौसला
हर्षवर्धन ने अपनी इस पोस्ट के जरिए उन लाखों युवाओं को भी प्रेरित किया जो आज संघर्ष के दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने खासतौर पर डिलीवरी बॉय का काम करने वाले लड़कों के लिए एक संदेश दिया: "उन सभी डिलीवरी बॉयज के लिए जो बड़े सपने देखते हैं— ये कठिन सड़कें आपको मजबूत बनाएंगी, समय की पाबंदी आपको अनुशासित करेगी और चिलचिलाती धूप आपके धैर्य की परीक्षा लेगी। बारिश आपके हौसलों को चुनौती देगी, लेकिन याद रखें, आप सिर्फ ऑर्डर डिलीवर नहीं कर रहे हैं, बल्कि आप अपने अंदर धैर्य, भूख और जुझारूपन का निर्माण कर रहे हैं।"
'Force 3' का बेसब्री से इंतजार
एक्शन फ्रैंचाइजी 'फोर्स' की तीसरी किस्त का फैंस लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्देशन भाव धुलिया कर रहे हैं और इसकी कहानी सिमाब हाशमी ने लिखी है। 'फोर्स' सीरीज की पहली फिल्म 2011 में आई थी, जबकि दूसरा भाग 2016 में रिलीज हुआ था। जानकारी के अनुसार, 'Force 3' के साल 2027 तक सिनेमाघरों में आने की उम्मीद है।
हर्षवर्धन राणे को आखिरी बार फिल्म 'एक दीवाने की दीवानियत' में सोनम बाजवा के साथ देखा गया था। इसके अलावा, वह जल्द ही उमंग कुमार की फिल्म 'सिला' में भी नजर आएंगे, जिसमें उनके साथ करणवीर मेहरा और सादिया खतीब मुख्य भूमिकाओं में होंगे। हर्षवर्धन की यह पोस्ट साबित करती है कि सफलता केवल ऊंचे पदों तक पहुंचने का नाम नहीं है, बल्कि अपने अतीत को याद रखते हुए दूसरों को प्रेरित करना ही असली कामयाबी है।