बॉलीवुड अभिनेता ईशान खट्टर ने हाल ही में अपने बचपन और परवरिश को लेकर एक भावुक बयान दिया है। युवा ऑल स्टार्स राउंडटेबल 2025 में उन्होंने बताया कि कैसे एक सिंगल मदर के साथ बड़े होने ने उनकी सोच और व्यक्तित्व को गहराई से प्रभावित किया। ईशान ने कहा कि समाज में लड़कों को अक्सर यही सिखाया जाता है कि उन्हें ‘औरत जैसा’ नहीं बनना चाहिए, लेकिन असलियत में यह सोच बेहद सीमित और गलत है।
ईशान ने खुलकर कहा कि उनकी मां नीलिमा अजीम ने उन्हें अकेले पाला और इस दौरान उन्होंने जीवन के कई अहम सबक सीखे। “मुझे हमेशा यह महसूस कराया गया कि संवेदनशील होना कमजोरी नहीं है। लेकिन समाज लड़कों को यही सिखाता है कि उन्हें मजबूत दिखना है और औरतों जैसा नहीं होना है। यह सोच बदलनी चाहिए,” ईशान ने कहा।
उन्होंने आगे बताया कि सिंगल मदर के साथ बड़े होने से उन्हें महिलाओं की संघर्षशीलता और ताकत को समझने का मौका मिला। ईशान ने कहा कि उनकी मां ने अकेले ही उन्हें और उनके भाई शाहिद कपूर को संभाला और यही वजह है कि वे महिलाओं के प्रति गहरी इज्जत और संवेदनशीलता रखते हैं।
फिल्मों में फीमेल गेज पर ईशान ने कहा, 'मैंने नूपुर अस्थाना और प्रियंका घोष जैसे महिला डायरेक्टर्स के साथ काम किया। करियर के 8 सालों में आधी फिल्में महिलाओं ने बनाईं हैं। इससे नजरिया बदलता है। सिनेमा एम्पैथी का काम है।' ये अनुभव उन्हें इमोशंस दिखाने की ताकत देते हैं। ईशान ने बॉलीवुड के टिपिकल हीरो मोल्ड को चैलेंज किया, जो सेंसिटिविटी को कमजोरी मानता है।
ईशान की लेटेस्ट फिल्म 'होमबाउंड' ऑस्कर के लिए एंट्री कर चुकी है। नीराज घायवान की ये फिल्म उनके सेंसिटिव साइड को दिखाती है। 'द रॉयल्स' सीरीज में भी भूमि पेडनेकर संग उनकी केमिस्ट्री हिट रही। फैंस उनकी मैच्योर थिंकिंग की तारीफ कर रहे। ईशान कहते हैं, 'मां ने मुझे महिलाओं का सम्मान करना सिखाया। आज का मर्द बनना मतलब इमोशंस को अपनाना है।'
ईशान का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग उनकी ईमानदारी और संवेदनशीलता की तारीफ कर रहे हैं। दर्शकों का कहना है कि ईशान ने एक अहम मुद्दे पर बात की है, जो अक्सर समाज में नजरअंदाज कर दिया जाता है।
फिल्मी करियर की बात करें तो ईशान खट्टर ने अपनी मेहनत और टैलेंट से इंडस्ट्री में खास पहचान बनाई है। लेकिन उनकी निजी जिंदगी का यह पहलू दर्शकों को उनके व्यक्तित्व का एक और मानवीय और गहरा पक्ष दिखाता है।