Saif Ali Khan: ‘हम तुम’ के डायरेक्टर ने सैफ अली खान के नेशनल अवॉर्ड विवाद पर खोला राज, बोले- 'उस साल जूरी हेड थे सुदर्शन मिश्रा'

Saif Ali Khan: साल 2005 में सैफ अली खान को फिल्म ‘हम तुम’ के लिए बेस्ट एक्टर नेशनल अवॉर्ड मिला था। उस समय यह फैसला काफी विवादों में घिर गया था क्योंकि कई लोगों का मानना था कि उस साल शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन ज्यादा मजबूत दावेदार थे।

अपडेटेड Mar 18, 2026 पर 11:46 AM
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कुणाल कोहली निर्देशित ‘हम तुम’ (2004) के लिए सैफ अली खान को मिला बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड आज भी बहस का विषय बना हुआ है। फिल्म के डायरेक्टर ने हाल ही में इस विवाद पर बात करते हुए साफ किया कि अवॉर्ड का फैसला जूरी ने लिया था, जिसमें सुदर्शन मिश्रा हेड थे। शाहरुख खान की 'स्वदेश' और हृतिक रोशन की 'कोई मिल गया' के मुकाबले सैफ की जीत ने जबरदस्त हंगामा मचाया था।

विवाद की शुरुआत

2005 में जब सैफ को ये सम्मान मिला, तो सोशल मीडिया और मीडिया में सवाल उठे क्या सैफ की परफॉर्मेंस 'स्वदेश' जैसे इमोशनल रोल से बेहतर थी? सैफ की मां शर्मिला टैगोर उस समय CBFC चेयरपर्सन थीं, जिसके चलते नेपोटिज्म के आरोप लगे। सैफ ने खुद बताया था कि लंदन में ब्रेकफास्ट के दौरान उन्हें फोन आया, लेकिन पर्सनल लाइफ की उथल-पुथल के कारण वे अवॉर्ड लेने जाना ही नहीं चाहते थे। फिर भी वे लौटे और अवॉर्ड लिया।

जूरी का फैसला और सुदर्शन मिश्रा


कुणाल कोहली ने स्पष्ट किया कि जूरी हेड सुदर्शन मिश्रा ने सैफ को "परफॉर्मेंस की आसानी" के लिए चुना। पदम कुमार ने पहले ही संकेत दे दिया था कि शाहरुख के 'स्वदेश' को अवॉर्ड नहीं मिलेगा। सैफ ने इंटरव्यू में कहा, "सुदर्शन मिश्रा ने स्टेज पर यही बात कही। उसके बाद से ही विवाद शुरू हो गया।" ऋषि कपूर का मिडनाइट फोन कॉल भी आया, जिसमें उन्होंने शर्मिला पर इल्जाम लगाया।

सैफ का पक्ष और अवॉर्ड पॉलिटिक्स

सैफ ने खुलकर कहा, "मेरी मां ने ये अवॉर्ड नहीं दिलाया। अगर दे सकतीं तो और भी बहुत कुछ दे देतीं।" उन्होंने अवॉर्ड्स को पॉलिटिकल मोटिवेटेड बताया जैसे जॉन वेन को 'ट्रू ग्रिट' के लिए ऑस्कर मिला, जो उनका बेस्ट नहीं था। सैफ अपनी 'हम तुम' वाली एक्टिंग पर गर्व करते हैं, जहां रानी मुखर्जी संग कॉमेडी का तड़का था। आमिर, ऋतिक और विवेक ओबेरॉय ने ये रोल ठुकरा दिया था, जो सैफ के लिए किस्मत का धन्यवाद बना।

पुरानी बातों का नया मोड़

शाहरुख ने सार्वजनिक रूप से तंज कसा था कि 'स्वदेश' के लिए उन्हें अवॉर्ड मिलना चाहिए था। रेडिट पर फैंस आज भी बहस करते हैं। कुणाल का बयान साबित करता है कि अवॉर्ड्स में लॉबीइंग चलती है, लेकिन सैफ की मेहनत कम नहीं थी। 20 साल बाद ये विवाद सिनेमा के ग्लैमर के पीछे की सच्चाई दिखाता है।

फिल्म में सैफ ने करण कपूर का किरदार निभाया था, जो एक फ्लर्टिशियस कार्टूनिस्ट से धीरे-धीरे परिपक्व इंसान बनता है। यह परफॉर्मेंस दर्शकों को बेहद पसंद आई और नेशनल अवॉर्ड ने सैफ को एक सीरियस लीडिंग मैन के रूप में स्थापित कर दिया। हालांकि आलोचकों का मानना था कि उनकी परफॉर्मेंस मनोरंजक थी लेकिन नेशनल अवॉर्ड के स्तर की गहराई नहीं थी।

समय के साथ विवाद शांत हो गया और ‘हम तुम’ आज भी एक लोकप्रिय रोमांटिक कॉमेडी फिल्म मानी जाती है। कुनाल कोहली का बयान यह साफ करता है कि अवॉर्ड का फैसला पूरी तरह जूरी का था और उनका योगदान केवल फिल्म को बेहतर बनाने तक सीमित था।

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