Huma Qureshi: बॉलीवुड में 'फीमेल विलेन' को सेक्सुअल दिखाने के चलन पर भड़की हुमा कुरैशी, बोलीं- पितृसत्ता की सोच का नतीजा...

Huma Qureshi: 'बेबी डू डाई डू' में एक 'आम दिखने वाली' मर्डरर का किरदार निभाने वाली हुमा कुरैशी ने बॉलीवुड में फीमेल विलेन को बुत ज्यादा सेक्सुअल दिखाने की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह पितृसत्ता की वजह से है।

अपडेटेड Jul 09, 2026 पर 12:10 PM
हुमा ने बताया कि कैसे उनका किरदार 'बेबी', हिंदी सिनेमा में फीमेल विलेन के आम कैरेक्टर से अलग है। स्क्रीन पर अक्सर दिखने वाली ग्लैमरस और बहुत स्टाइलिश एक्शन हीरोइनों के उलट, 'बेबी' को एक आम इंसान की तरह दिखाया गया है जो आसानी से भीड़ में घुल-मिल सकती है।

Huma Qureshi: हुमा कुरैशी ने बॉलीवुड में महिला एक्शन किरदारों को दिखाए जाने के तरीके में बदलाव की जरूरत के बारे में बात की है। हाल ही में 'बेबी डू डाई डू' में एक "आम दिखने वाली"मर्डरर का किरदार निभाने वाली इस एक्ट्रेस ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह फिल्म फिल्ममेकर्स को महिलाओं के लिए ज्यादा गहरे और हटकर किरदार बनाने के लिए प्रेरित करेगी। PTI के साथ बातचीत में उन्होंने फीमेल विलेन को बहाइपर-सेक्शुअलाइज्ड तरीके से दिखाए जाने की भी आलोचना की और कहा कि ऐसा पितृसत्ता की वजह से होता है।

फिल्म में हुमा कुरैशी ने 'बेबी' का किरदार निभाया है, जो एक बहरी और गूंगी मर्डरर है। PTI को दिए एक इंटरव्यू में हुमा ने बताया कि कैसे उनका किरदार 'बेबी', हिंदी सिनेमा में फीमेल विलेन के आम कैरेक्टर से अलग है। स्क्रीन पर अक्सर दिखने वाली ग्लैमरस और बहुत स्टाइलिश एक्शन हीरोइनों के उलट, 'बेबी' को एक आम इंसान की तरह दिखाया गया है जो आसानी से भीड़ में घुल-मिल सकती है।

अपने रोल के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, "वह दिखने में बिल्कुल आम और साधारण है, फिर भी एक खतरनाक कातिल है - यही बात इस कहानी को इतना दिलचस्प बनाती है... हम बस एक ऐसा किरदार बनाना चाहते थे, जिससे लोग आसानी से जुड़ सकें। 'बेबी' ऐसी लड़की है जिससे आप मुंबई लोकल ट्रेन में मिल सकते हैं और शायद उस पर आपकी नजर भी न पड़े।"


उन्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कि बेहतर किरदार लिखने के मामले में अभी और भी बहुत कुछ बदला जा सकता है। बेशक, सही दिशा में एक कदम तो उठाया गया है।" एक्टर ने महिला हत्यारों को अक्सर ग्लैमरस और शरीर से चिपके हुए कपड़े पहने हुए दिखाए जाने के ट्रेंड पर भी बात की। उन्होंने कहा कि ऐसे किरदारों को सिर्फ उनके लुक तक सीमित रखना पितृसत्तात्मक सोच को दिखाता है और तर्क दिया कि महिलाओं को ताकतवर या खतरनाक दिखने के लिए सेक्सुअलाइज्ड दिखाने की जरूरत नहीं है।

हुमा ने बताया कि, "हत्यारा बनने के लिए महिलाओं को टाइट कपड़े पहनने और बहुत ज़्यादा सेक्सुअल इमेज में दिखने की जरूरत होती है। मुझे लगता है कि यह पितृसत्ता की वजह से है।" ‘बेबी डू डाई डू’ हुमा और उनके भाई साकिब सलीम के प्रोडक्शन हाउस, ‘सलीम सिब्लिंग्स’ का पहला प्रोजेक्ट है। इस फिल्म में एक्ट्रेस भारत की पहली ऑन-स्क्रीन महिला हिटवुमन का किरदार निभा रही हैं।

हुमा के अलावा, इस फिल्म में सिकंदर खेर, चंकी पांडे और रचित सिंह भी हैं। साथ ही, मारुधा शेखावत, विद्या मालवड़े, अरुण कुशवाहा और हिमांशु मलिक जैसे कलाकार भी इसमें शामिल हैं। नचिकेत सामंत के निर्देशन में बनी यह फिल्म 3 जुलाई, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।

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