Imtiaz Ali: रणबीर कपूर-दीपिका पादुकोण स्टारर 'तमाशा' देखने के बाद लोग छोड़ रहे नौकरी, इम्तियाज अली ने जताई चिंता

Imtiaz Ali: रणबीर कपूर-दीपिका पादुकोण स्टारर 'तमाशा' आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई है। भले ही रिलीज के समय फिल्म खास कमाल न दिखा पाई हो, लेकिन आज कल्ट मूवीज में गिनी जाती है।

अपडेटेड May 30, 2026 पर 9:51 AM
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पिछले कुछ सालों में लोगों ने बताया है कि कैसे इस फिल्म ने उन्हें अपनी नौकरी छोड़कर अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। निर्देशक इम्तियाज अली को इस तरह के प्रभाव पर गर्व तो है, लेकिन साथ ही वे चिंतित भी हैं।

Imtiaz Ali: अपनी रिलीज के एक दशक से भी अधिक समय बाद, दीपिका पादुकोण और रणबीर कपूर की फिल्म 'तमाशा' आज भी यंग दर्शकों के दिलों में उस तरह से बसी हुई है, जैसा कि बहुत कम बॉलीवुड फिल्में कर पाई हैं। 2015 में रिलीज होने पर इस रोमांटिक ड्रामा को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी, लेकिन तब से यह एक कल्ट फिल्म बन चुकी है, खासकर युवाओं के बीच, जो आत्म-खोज और सामाजिक अपेक्षाओं से मुक्ति पाने के इसके विषयों से खुद को जोड़ पाते हैं।

पिछले कुछ सालों में लोगों ने बताया है कि कैसे इस फिल्म ने उन्हें अपनी नौकरी छोड़कर अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। निर्देशक इम्तियाज अली को इस तरह के प्रभाव पर गर्व तो है, लेकिन साथ ही वे चिंतित भी हैं।

बोमन ईरानी के लेखक सम्मेलन, स्पाइरल बाउंड में हुई अपनी बातचीत को याद करते हुए उन्होंने न्यूज़ 18 को बताया, “मुझे बहुत बुरा लग रहा है। हाल ही में मैं बोमन ईरानी के स्पाइरल बाउंड नामक लेखक सम्मेलन में गया था, और उन्होंने इसे बहुत शानदार तरीके से आयोजित किया था। वहां कई नए लेखक मौजूद थे। उनमें से कई मेरे पास आए और बताया कि तमाशा देखने के बाद उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और अब वे लेखक हैं। मेरे मन में सबसे पहला ख्याल यही आया कि मैं उनकी सफलता की कामना करता हूं।”


फिल्म निर्माता ने बताया कि ऐसी कहानियां सुनकर उन्हें जिम्मेदारी का एहसास होता है। उन्होंने कहा कि अगर तमाशा से प्रभावित होकर जीवन में बड़े बदलाव लाने वाले फैसले लेने वालों का भविष्य अच्छा नहीं रहा तो उन्हें बहुत बुरा लगेगा और उन्होंने यह भी कहा कि कभी-कभी इसका प्रभाव सिर्फ व्यक्तियों तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे कहीं अधिक व्यापक हो जाता है।

उन्होंने आगे कहा- इस सब को लेकर मेरे मन में मिली-जुली भावनाएं हैं। मुझे यकीन है कि उनमें से कई लोगों के पास अच्छे-खासे पेशे थे, लेकिन उन्होंने उन सबको छोड़कर कलाकार बनने का फैसला किया, ठीक वैसे ही जैसे हम सब कलाकार बनने की कोशिश कर रहे हैं।

साथ ही अली ने कहा कि वे उन लोगों की सराहना करते हैं जिनमें अपने जुनून को पूरा करने का साहस है। उन्होंने समझाया, “सच कहूं तो, अगर मैं उनकी जगह होता, तो मैं खुश होता। मैंने व्यक्तिगत रूप से इन चीजों के बारे में कभी भी व्यवस्थित, पैसे के लिहाज से या व्यावहारिक रूप से नहीं सोचा। आखिरकार, मुझे अच्छा लग रहा है, लेकिन साथ ही जिम्मेदारी का भी एहसास है।”

फिलहाल, इम्तियाज अली अपनी फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' की रिलीज की तैयारी में जुटे हैं, जो 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। बंटवारे पर पर आधारित इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ, नसीरुद्दीन शाह, वेदांग रैना और शरवरी मुख्य भूमिका में हैं।

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