Kiara Advani: अभिनेत्री कियारा आडवाणी ने मदरहुड और बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं को अक्सर जिन एक्सपेंक्टेसन का सामना करना पड़ता है, उनके बारे में खुलकर बात की है। बॉम्बे टाइम्स के साथ हाल ही में हुई बातचीत में, एक्टेस ने बताया कि कैसे महिलाओं के बारे में बातचीत प्रेग्नेंसी का जश्न मनाने से लेकर उनकी दिखावट की आलोचना करने और काम पर लौटने की तारीख पर चर्चा करने तक तेज़ी से बदल जाती है।
मदरहुड ने कियारा के जीवन में जो बदलाव लाए हैं, उनके बारे में बात करते हुए, कियारा ने इस अनुभव को बदलने वाला बताया और कहा कि इससे उन्हें खुद को और अपने आस-पास की दुनिया को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिली है।
एक्ट्रेस ने कहा कि यह अनुभव हर तरह से बेहद समृद्ध करने वाला है। मुझे लगता है कि अब जो निर्देशक मेरे साथ काम करेंगे, उन्हें मेरा सर्वश्रेष्ठ रूप देखने को मिलेगा। मदरहुड के इस सफर ने मेरे अंदर, मेरे जीवन में और दुनिया को समझने के मेरे नजरिए में एक नया आयाम खोल दिया है।
अभिनेत्री ने डिलिवरी के बाद कई महिलाओं पर पड़ने वाले दबावों के बारे में भी बात की और बताया कि बच्चे के जन्म के बाद समाज का रवैया किस तरह बदल जाता है। एक्ट्रेस ने कहा कि काम पर लौटने के बारे में यह सच है। दिलचस्प बात यह है कि जब आप प्रेग्नेंट होती हैं, तो हर कोई कहता है, ‘अरे वाह, आप कितनी खूबसूरत लग रही हैं, ये सब’ और जैसे ही बच्चा पैदा होता है, ये बदल जाता है, ‘अभी मोटी लग रही है, थोड़ी ये लग रही है, थोड़ी वो लग रही है।
कियारा ने आगे बताया कि प्रेग्नेंसी को अक्सर उत्सव की तरह मनाया जाता है, लेकिन पोस्ट डिलिवरी के बाद का समय ही वह समय होता है जब महिलाओं को सबसे अधिक हेल्प की जरूरत होती है। प्रेग्नेंसी के दौरान, आपको देवी की तरह समझा जाता है और बच्चे के जन्म के तुरंत बाद आपसे उम्मीद की जाती है कि आप पहले जैसी स्वस्थ और अपने जीवन के पटरी पर लौट आएं। लेकिन महिला के लिए सबसे कठिन समय डिलिवरी के बाद का होता है। यही वह समय है जब उसे सहारे की सबसे अधिक आवश्यकता होती है।
अभिनेत्री ने यह भी कहा कि मदरहुड केवल बच्चे का पालन-पोषण करना ही नहीं है, बल्कि उस महिला का समर्थन करना भी है जो एक नई भूमिका में कदम रख रही है। कहते हैं कि एक बच्चे के पालन-पोषण के लिए पूरे समाज की आवश्यकता होती है। एक मां के पालन-पोषण के लिए भी पूरे समाज की आवश्यकता होती है। यही वह समय है जब आपको उस महिला का पोषण करने की आवश्यकता होती है, जो अब अपने जीवन में एक बिल्कुल नई भूमिका में ढल रही है और यह समझने की कोशिश कर रही है कि वह अपनी पहचान और एक मां, बेटी और पत्नी की भूमिकाओं के बीच संतुलन कैसे बनाए रखेगी।