Sawan Bhadon: सांवली सलोनी रेखा के संग काम करने को तैयार नहीं थे नवीन निश्चल, फिर शूटिंग के समय अफेयर के उड़े रूमर्स

Sawan Bhadon: फिल्म 'सावन भादों' उस दौर की सुपरहिट रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म के लीड एक्टर नवीन निश्चल फिल्म में रेखा को लिए जाने के खिलाफ थे। हालांकि बाद में इस फिल्म में साथ काम करते हुए दोनों के अफेयर की खबरें आई थीं।

अपडेटेड Jul 30, 2026 पर 12:54 PM
एक्ट्रेस के रूप रंग के कारण एक्टर उनके साथ फिल्म नहीं करना चाहते थे। फिल्म का निर्देशन मोहन सहगल ने किया था।

Sawan Bhadon: फिल्म इंडस्ट्री में रेखा की शुरुआत मुश्किलों से भरी रही है। साउथ सिनेमा में बतौर बाल कलाकार काम शुरू करने के बाद वे 70 के दशक में हिंदी सिनेमा की तरफ आईं। आईकॉनिक रेखा ने बॉलीवुड डेब्यू 'सावन भादों' से किया। 2 सितंबर 1970 को रिलीज हुई इस फिल्म के लिए साउथ इंडियन रेखा ने हिंदी भाषा सीखी थी। मूवी के लीड हीरो नवीन निश्चल भी इस फिल्म से फिल्मी दुनिया में कदम रख रहे थे। इसके अलावा अभिनेता रंजीत ने भी इसी फिल्म से अभिनय की दुनिया में कदम रखा था।

रेखा के साथ काम नहीं करना चाहते थे नवीन

फिल्म 'सावन भादों' ने दर्शकों का दिल जीत लिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नवीन निश्चल फिल्म 'सावन भादों' में रेखा के साथ काम करना नहीं चाहते थे। उनके मुताबिक एक्ट्रेस 'काली' और 'मोटी' थीं। हालांकि, बाद में इस फिल्म की शूटिंग करते हुए दोनों के अफेयर के खूब चर्चे हुआ करते थे। पुलिस ऑफिसर के रोल में ज्यादातर नजर आने वाले अभिनेता इफ्तेखार नेगेटिव रोल में दिखाई दिए थे।

मोहन सहगल ने नवीन को किया था लॉन्च


फिल्म 'सावन भादों' का डायरेक्शन मोहन सहगल ने किया था। इस मूवी में नवीन निश्चल की कास्टिंग बेहद अनोखे तरीके से हुई थी। अपने कॉलेज के दिनों में नवीन निश्चल का परफॉमेंस काफी बुरा चल रहा होता था। नवीन के पिता के साथ मोहन सहगल उनके कॉलेज पहुंचे थे। उस दौरान एक्टर के पिता ने मोहन सहगल से अपने बेटे के भविष्य को लेकर चिंता जाहिर की थी और मदद करने को कहा था। मोहन सहगल ने नवीन को पूना फिल्म इंस्टीट्यूट भेजा और उनकी फीस भरी। नवीन निश्चल पूना फिल्म इंस्टीट्यूट के गोल्ड मेडलिस्ट बने। नवीन जब लौटे तो 'सावन भादो' से उन्हें बॉलीवुड में लॉन्च किया गया।

फिल्म के लिए रेखा ने हिंदी पर बनाई पकड़

रेखा की शुरुआत हिंदी फिल्मों में साल 1969 में 'अंजाना सफर' से होने वाली थी, लेकिन यह फिल्म कुछ सीन्स की वजह से सेंसर बोर्ड में फंसी रही। पूरे एक दशक बाद 'दो शिकारी' टाइटल से इसे 1979 में रिलीज किया गया था। 'सावन भादों' में रेखा ने गांव की एक लड़की चंदा का रोल किया था। नवीन निश्चल के किरदार विक्रम का दिल चंदा पर फिदा हो जाता है। इस फिल्म के बाद रेखा ने हिंदी सिनेमा में अलग मुकाम हालिस किया और एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दीं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।