Nora Fatehi पर बढ़ा संकट, गाना बैन के बाद अब डिपोर्ट की मांग
Nora Fatehi: ‘सरके चुनर तेरी सरके’ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा और Nora Fatehi की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। सरकार ने गाने पर बैन लगा दिया है, जबकि महिला आयोग और सेंसर बोर्ड भी सक्रिय हैं। वहीं, कुछ वकीलों ने गृह मंत्रालय से उनका वर्क परमिट रद्द कर भारत से डिपोर्ट करने की मांग की है
Nora Fatehi: विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने इस गाने पर बैन लगा दिया है।
नोरा फतेही इन दिनों एक ऐसे विवाद के केंद्र में हैं, जिसने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। कन्नड़ फिल्म ‘KD Devil’ के गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ का हिंदी वर्जन रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं। गाने के बोलों को लेकर लोगों ने इसे अश्लील और आपत्तिजनक बताते हुए विरोध जताया, जिसके बाद मामला तेजी से बढ़ता गया। देखते ही देखते यह विवाद सिर्फ ऑनलाइन बहस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कानूनी और सरकारी संस्थाओं तक पहुंच गया।
कई संगठनों और वकीलों ने इस पर कार्रवाई की मांग उठाई, जिससे मुद्दा और गंभीर हो गया। इस पूरे मामले ने एक बार फिर कंटेंट की मर्यादा, जिम्मेदारी और सेंसरशिप जैसे सवालों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
वकीलों की सख्त मांग, बढ़ सकता है मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 10 वकीलों के एक समूह ने गृह मंत्रालय से संपर्क कर नोरा फतेही का वर्क परमिट रद्द करने और उन्हें भारत से डिपोर्ट करने की मांग की है। शिकायत सिर्फ एक विभाग तक सीमित नहीं रही, बल्कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, Central Board of Film Certification और राष्ट्रीय महिला आयोग तक भी पहुंच चुकी है।
संजय दत्त भी आए निशाने पर
इस गाने में Sanjay Dutt भी नजर आए हैं, लेकिन विवाद का बड़ा हिस्सा नोरा फतेही के नाम पर ही केंद्रित होता दिख रहा है। यही वजह है कि कई लोग इसे एकतरफा आलोचना भी बता रहे हैं।
सरकार ने उठाया बड़ा कदम
विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने इस गाने पर बैन लगा दिया है। संसद तक पहुंचे इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पुष्टि की कि ‘सरके चुनर तेरी सरके’ को आधिकारिक तौर पर प्रतिबंधित कर दिया गया है।
कानून का हवाला, गंभीर आरोप
याचिका में विदेशी अधिनियम 1946, पासपोर्ट अधिनियम 1920, और महिलाओं के अश्लील चित्रण से जुड़े कानूनों का हवाला दिया गया है। वकीलों का आरोप है कि यह गाना न सिर्फ सामाजिक मर्यादा के खिलाफ है, बल्कि महिलाओं की गरिमा को भी ठेस पहुंचाता है।
नोरा की सफाई—“मुझे नहीं थी जानकारी”
इस पूरे विवाद के बीच नोरा फतेही ने अपनी सफाई भी दी है। उनका कहना है कि उन्होंने यह गाना तीन साल पहले कन्नड़ में शूट किया था और उन्हें इसके हिंदी वर्जन के बदले हुए बोलों की जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि बिना उनकी अनुमति के गाने को हिंदी में डब किया गया।
AI और इमेज को लेकर भी नाराजगी
नोरा ने यह भी खुलासा किया कि गाने के लॉन्च के दौरान उनकी और संजय दत्त की AI से बनी तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया, जिससे वे काफी नाराज हुईं। उन्होंने साफ कहा कि इस प्रोजेक्ट से उन्होंने खुद को अलग कर लिया था और इसका प्रमोशन भी नहीं किया।
वकीलों ने खारिज की सफाई
हालांकि, याचिकाकर्ता वकीलों ने नोरा की इस सफाई को ‘बाद में बनाई गई कहानी’ बताया है। उनका कहना है कि कलाकार किसी प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने के बाद उसकी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते, चाहे उसमें AI का इस्तेमाल ही क्यों न हुआ हो।
धार्मिक एंगल भी जुड़ा
विवाद यहीं नहीं रुका। अलीगढ़ के मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता ने भी इस गाने को लेकर नोरा फतेही के खिलाफ फतवा जारी कर दिया, जिससे मामला और ज्यादा संवेदनशील बन गया है।
विवाद से सीख या बढ़ेगा संकट?
अब यह मामला सिर्फ एक गाने का नहीं रहा, बल्कि मनोरंजन, नैतिकता और जिम्मेदारी के बीच खींचतान का प्रतीक बन गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद किस दिशा में जाता है और इंडस्ट्री के लिए क्या संदेश छोड़ता है।