Alia Bhatt: समय रैना के शो 'इंडियाज़ गॉट लेटेंट' के नए सीज़न के प्रीमियर पर आलिया भट्ट और शरवरी पहली सेलिब्रिटी गेस्ट थीं। सीज़न 2 के प्रीमियर में कुछ स्टैंड-अप परफॉर्मेंस हुईं, जिनमें से एक में एक कॉमेडियन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नकल की। अमेरिका-ईरान के झगड़े से लेकर बॉलीवुड गाना गाने तक, पूरी परफॉर्मेंस में बहुत मज़ेदार पल थे।
हालांकि, एपस्टीन आइलैंड को लेकर की गई एक खास टिप्पणी ने अब सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा है। कई लोगों को लगा कि जेफ्री एपस्टीन के आइलैंड जैसे संवेदनशील मुद्दे पर मज़ाक करने की ज़रूरत नहीं थी, जिसका इस्तेमाल दशकों तक 'यौन शोषण के अड्डे' के तौर पर किया गया था। एपिसोड के दौरान आलिया उस मज़ाक पर नहीं हंसीं। उनके इस व्यवहार की सोशल मीडिया पर तारीफ़ हो रही है।
कंटेस्टेंट अविनाश अग्रवाल, जिन्होंने ट्रंप के अंदाज़ और बोलने के लहज़े की हूबहू नकल की थी, उन्हें एपिसोड का विजेता घोषित किया गया। एक मौके पर उन्होंने कहा, "आपको तेल चाहिए? मेरे दोस्त, आइलैंड पर आ जाओ। वहां बहुत तेल है।" जब दर्शक उत्साह दिखा रहे थे और समय रैना ताली बजा रहे थे, तब आलिया ने दूसरी तरफ़ देखा और हंसी नहीं।
इस पल पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूज़र ने कहा, "मुझे यह बात बहुत अच्छी लगी कि आलिया एपस्टीन आइलैंड पर बने मज़ाक पर नहीं हंसीं।" एक और यूज़र ने कहा, "किसी व्यक्ति की जागरूकता और नैतिक मूल्यों का पता एक छोटे से हाव-भाव से ही चल जाता है। पैनल में मौजूद लोगों में से सिर्फ़ आलिया भट्ट ही थीं, जिन्होंने एपस्टीन आइलैंड से जुड़े मज़ाक पर हंसने से इनकार किया। उस पल में उन्होंने बाकी सभी लोगों की तुलना में कहीं ज़्यादा ईमानदारी और नैतिकता दिखाई।"
एक कमेंट में लिखा था, "क्या हम आलिया भट्ट की तारीफ़ कर सकते हैं कि उन्होंने अपने आस-पास के दबाव के बावजूद एपस्टीन आइलैंड वाले मज़ाक जैसे गंभीर विषय पर नहीं हंसा?" एक दूसरे यूज़र ने कहा, "पैनल में आलिया ही एकमात्र ऐसी व्यक्ति थीं जो पूरी तरह से चुप और निराश थीं, क्योंकि वह ट्रंप लगातार वॉर क्राइम, सेक्स ट्रैफ़िकिंग, बच्चों के शोषण, होमोफोबिक और पीडोफिलिक मज़ाक कर रहे थे, जो न तो मज़ेदार थे और न ही दिलचस्प।"
वहीं, शो में ऐसे मज़ाक का मनोरंजन करने के लिए समय रैना की आलोचना हुई। एक कमेंट में लिखा था, "एपस्टीन फ़ाइलें कभी भी कोई मज़ाक का विषय नहीं थीं। उन्हें मज़ाक की तरह लेना उन अनगिनत बच्चों के दुख को कम करके आंकना है, जिनका शोषण और दुर्व्यवहार हुआ और जिन्हें न्याय नहीं मिला।" एक कमेंट में लिखा था, "तो, क्या उस मसखरे समय रैना के लिए एपस्टीन आइलैंड एक मज़ाक है, जबकि वह जानता है कि उस आइलैंड पर बच्चों और महिलाओं के साथ कितनी क्रूरता हुई है? वे सभी हंसे और मज़ाक का आनंद लिया। बीमार लोग।"
'इंडियाज़ गॉट लेटेंट' का दूसरा सीज़न YouTube और Netflix पर एक साथ रिलीज़ किया गया था; दोनों प्लेटफ़ॉर्म पर एपिसोड एक ही फ़ॉर्मैट और अवधि में दिखाए गए।
जेफरी एपस्टीन एक अमेरिकी फाइनेंसर और बच्चों के यौन शोषण के दोषी व्यक्ति थे। उनके आइलैंड पर बच्चों के शोषण से जुड़े कई अपराधों की जांच की गई थी, जिसमें राजनीति, कला और व्यापार की दुनिया के कई बड़े लोगों के उनसे जुड़े होने के सबूत मिले थे।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एपस्टीन के अपराधों के बारे में किसी भी जानकारी से इनकार किया है। हालांकि, यह मामला राजनीतिक रूप से उनका पीछा करता रहा है, खासकर तब से जब उन्होंने अपने 2024 के कैंपेन के दौरान एपस्टीन से जुड़े रिकॉर्ड जारी करने का वादा किया था, लेकिन पद संभालने के तुरंत बाद ऐसा नहीं किया।
2019 में एपस्टीन अपनी जेल की कोठरी में मृत पाए गए थे। अधिकारियों ने उनकी मौत को आत्महत्या माना। तब से इस मामले को लेकर कई तरह की साज़िश की थ्योरी (conspiracy theories) सामने आई हैं, जिनमें से कुछ को ट्रंप ने अपने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव कैंपेन के दौरान और हवा दी।