ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा जोनास ने अपनी आगामी हॉलीवुड फिल्म 'द ब्लफ' के प्रमोशन के दौरान एक चौंकाने वाली बचपन की घटना साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे उनकी मां मधु चोपड़ा ने दिल्ली की सड़कों पर खतरे को भांपते हुए कैब ड्राइवर पर भड़क गईं। ये किस्सा मां के साहस और बेटी के प्रति प्यार की मिसाल बन गया, जो हर मां के दिल को छू लेता है।
प्रियंका ने ANI को दिए इंटरव्यू में याद किया, "मैं शायद 11 साल की रही होंगी। रात के 11 बजे हम दिल्ली के किसी होटल जा रही थीं। अचानक ड्राइवर ने अनजान मोड़ ले लिया। मां ने पीछे से उसका गला पकड़ लिया और चिल्लाईं- 'मेन रोड पर वापस चलो!' ड्राइवर ने शॉर्टकट का बहाना बनाया, लेकिन मां ने उसे जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। वो बार-बार कह रही थीं, 'मेरी टीनएज बेटी मेरे साथ है।'" प्रियंका ने कहा कि उन्होंने मां का ये रूप पहली बार देखा। होटल पहुंचने पर मधु कांप रही थीं, लेकिन बेटी की सुरक्षा के लिए उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। इसके बाद प्रियंका ने चार महीने तक मां से बहस नहीं की।
ये घटना प्रियंका के किरदार 'ब्लडी मैरी' से जुड़ी हैं। फिल्म में वो एक ऐसी मां बनी हैं, जो बेटे की रक्षा के लिए कुछ भी कर गुजरेंगी। प्रियंका ने कहा, "मेरी बेटी मालती के जन्म के बाद ये फीलिंग और गहरी हो गई। अगर कोई मेरी फैमिली को छुए, तो मैं उसे तिनके में बदल दूंगी।" 'द ब्लफ' में प्रियंका का ग्रिट्टी अवतार दिखेगा, जो मातृत्व की ताकत को दर्शाता है। वो कहती हैं, "हर सीन में मैं सोचती थी- अपनी बच्ची के लिए क्या करूंगी? वो गुस्सा, वो रेज हर पैरेंट समझता है।"
मधु चोपड़ा हमेशा से बेटी की सबसे बड़ी ताकत रहीं। मिस वर्ल्ड जीतने से लेकर हॉलीवुड तक का सफर मां ने संभाला। ये किस्सा महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल भी उठाता है- रात में अकेले सफर का डर आज भी बरकरार है। प्रियंका का ये खुलासा न सिर्फ इमोशनल है, बल्कि रियल लाइफ स्ट्रेंथ की मिसाल। प्रियंका का ये किस्सा हर मां को सलाम करता है!
यह किस्सा सुनाते हुए प्रियंका ने बताया कि उनकी मां का यह रूप उन्हें हमेशा याद दिलाता है कि सुरक्षा और साहस कभी समझौते का विषय नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि उस रात की घटना ने उन्हें यह सिखाया कि डर के सामने झुकना नहीं चाहिए, बल्कि उसका सामना करना चाहिए।
प्रियंका की यह यादें न सिर्फ उनके बचपन की झलक दिखाती हैं, बल्कि यह भी बताती हैं कि कैसे वास्तविक जीवन के अनुभव कलाकारों को उनके किरदारों से जोड़ते हैं। मद्हु चोपड़ा का वह साहसिक कदम आज भी प्रियंका के दिल में गूंजता है और उन्हें हर बार यह एहसास कराता है कि मां की ताकत दुनिया की सबसे बड़ी ताकत होती है।