आरजीवी के अनुसार, FWICE का इस विवाद में हस्तक्षेप करना इस संस्था के लिए एक “भारी जनसंपर्क आपदा” साबित होगा, क्योंकि यह “हताशा में चिल्लाने के साथ-साथ अपनी अप्रचलितता का प्रदर्शन भी कर रही है”। उन्होंने कहा, “सबसे पहले तो यह साबित करने के लिए कि यह झूठ है, इंडस्ट्री में लाखों वर्कर की आजीविका किसी एक अभिनेता या किसी एक परियोजना से नहीं जुड़ी होती है, इसलिए यह एक बड़ा झूठ है जिसे वे सोशल मीडिया पर फैलाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। इस पूरे मामले के केंद्र में एक निर्माता का भारी प्री-प्रोडक्शन नुकसान का दावा है, लेकिन यह दो पक्षों के बीच एक निजी संविदात्मक विवाद मात्र है, जैसा कि भारत भर में सभी व्यवसायों में लाखों मामलों में होता रहता है, और फिर इसमें FWICE जैसी प्रासंगिक हस्तियां कहां हैं?”