AR Rahman के ‘कम्यूनल बायस’ बयान से असहमत हैं Salim Merchant, बोले – "अगर वो रामायण कर रहे हैं तो भेदभाव कहां है?”

Salim Merchant: बॉलीवुड में इन दिनों संगीतकार ए.आर. रहमान के बयान को लेकर बहस छिड़ी हुई है। रहमान ने हाल ही में कहा था कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें कभी-कभी काम के अवसरों में सांप्रदायिक भेदभाव का सामना करना पड़ता है। इस बयान ने सोशल मीडिया और इंडस्ट्री में चर्चा को जन्म दिया।

अपडेटेड Mar 10, 2026 पर 10:17 AM
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मशहूर संगीतकार एआर रहमान के हालिया विवादित बयान ने बॉलीवुड में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने दावा किया था कि इंडस्ट्री में उन्हें पिछले आठ साल से पर्याप्त काम नहीं मिल रहा, जिसके पीछे सांप्रदायिक पूर्वाग्रह हो सकता है। इस बयान पर अब सलीम-सुलेब मर्चेंट के सलीम ने खुलकर असहमति जताई है। उन्होंने तर्क दिया कि रहमान को यदि 'रामायण' जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का मौका मिल रहा है, तो भेदभाव की बात बनती नहीं।

आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में सलीम ने रहमान के अनुभव का सम्मान तो किया, लेकिन अपनी राय स्पष्ट रखी। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि इंडस्ट्री में ऐसा कोई सांप्रदायिक भेदभाव है। रहमान साहब के अपने नजरिए हो सकते हैं, लेकिन यदि वे भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े महाकाव्यों में एक 'रामायण' के लिए संगीत बना रहे हैं, तो यह दावा पचा पाना मुश्किल है।' सलीम का मानना है कि प्रतिभा ही काम दिलाती है, न कि धर्म। उन्होंने अपने करियर के आधार पर जोर दिया कि बॉलीवुड में सभी को बराबर मौके मिलते हैं।

रहमान का बयान जनवरी 2026 में बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए साक्षात्कार से शुरू हुआ था। एक तमिल मुस्लिम कंपोजर होने के नाते भेदभाव का सामना करने की बात कही थी। बाद में उन्होंने स्पष्टीकरण दिया कि यह उनका व्यक्तिगत अनुभव था। फिर भी, यह चर्चा सोशल मीडिया पर गरमा गई। सलीम का यह बयान दो महीने बाद आया, जो विवाद को नया मोड़ दे रहा है। संगीत बंधु सलीम-सुलेब ने 'वॉर', 'एक था टाइगर' जैसी फिल्मों से नाम कमाया, जबकि रहमान के 'स्लमडॉग मिलियनेयर', 'लगे रहो मुन्ना भाई' जैसे काम लेजेंड्री हैं।


फैंस सोशल मीडिया पर बंटे हुए हैं। कुछ रहमान के पक्ष में हैं, तो कुछ सलीम की बात से सहमत हैं। यह बहस इंडस्ट्री में नेपोटिज्म, रिजनल बायस जैसे पुराने मुद्दों को फिर उछाल रही है। सलीम ने साफ कहा कि उनका यह नजरिया निजी है, लेकिन तथ्य रामायण प्रोजेक्ट से मजबूत हैं। निर्देशक नितेश तिवारी की 'रामायण' में रहमान का संगीत ट्रेलर में ही सराहा जा चुका है।

यह विवाद संगीतकारों के बीच सम्मानजनक संवाद को दर्शाता है। सलीम का बयान रहमान को चुनौती नहीं, बल्कि उद्योग की सकारात्मक छवि पेश करता है। आने वाले दिनों में दोनों के नए प्रोजेक्ट्स पर नजर रहेगी।

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