Sanya Malhotra: इस साल, सान्या मल्होत्रा एक एक्टर के तौर पर अपने दस साल पूरे कर रही हैं। 2016 में उन्होंने आमिर खान की फिल्म 'दंगल' से डेब्यू किया था, जिसमें उन्होंने पहलवान बबीता कुमारी का किरदार निभाया था। फिल्म में भले ही उनका स्क्रीन टाइम कम रहा हो, लेकिन सान्या ने मीडियम बजट और बड़ी कमर्शियल फिल्मों, दोनों में अपनी शानदार एक्टिंग से अपनी एक खास जगह बनाई है।
दिल्ली से आई एक 'आउटसाइडर' होने के बावजूद, सान्या ने शोबिज़ की दुनिया में अपने ही अंदाज़ में अपनी राह बनाई। लेकिन उनके इस सफर का सबसे मुश्किल हिस्सा था, उन चीज़ों या तरीकों को 'ना' कहना, जो उन्हें सही नहीं लगते थे। News18 से खास बातचीत में उन्होंने बताया, "मैंने समय के साथ 'ना' कहना सीखा। अब मैं बहुत आसानी से 'ना' कह देती हूं। लेकिन इसमें मुझे थोड़ा समय लगा। पहले 'ना' बोलने से पहले मुझे पैनिक अटैक आ जाता था।
जिस बात ने उन्हें और भी ज़्यादा डरा दिया था, वह था इस बात का था कि उन्हें काम कम मिलेगा। सान्या ने कहा कि मैं सोचती रहती थी कि मैं मना कैसे करूं? मुझे चिंता होती थी कि अगर मैंने ऐसा किया, तो शायद उसके बाद मुझे काम ही न मिले। अगर किसी तरह मैंने मना कर भी दिया, तो महीनों तक मुझे इस बात का पछतावा होता रहता था। मुझे सिर्फ़ इस बात का डर नहीं था कि मुझे और मौके नहीं मिलेंगे, बल्कि मुझे यह भी डर लगता था कि कहीं उन्हें बुरा न लग गया हो।
एक्ट्रेस ने कहा कि विनम्र के साथ सख्ती...अब यही उनका मंत्र है। आपको यह समझना होगा कि फ़िल्म एक डायरेक्टर का मीडियम है। लेकिन आप, एक एक्टर के तौर पर, अपने सुझाव ज़रूर दे सकते हैं। कभी-कभी वे आपकी बात सुनते हैं और कभी-कभी नहीं। लेकिन मैंने यह मुश्किल से सीखा कि अगर मैं 'न' नहीं कहती, तो इसका मतलब होगा कि मैं सिर्फ़ उनका सपना जी रही हूं और अपनी ज़िंदगी जीने के बजाय उनके तरीके से काम कर रही हूं।
हाल ही में 'टोस्टर' में नज़र आईं इस एक्टर ने आगे कहा, "मेरा मानना है कि अपनी बात कहने का एक तरीका होता है। अगर आप सही तरीके से अपनी बात रखते हैं, तो कोई दिक्कत नहीं होती। अगर बात किसी स्टंट की हो, तो आपको सच में अपनी बात पर अड़े रहना होगा। आप इन चीज़ों को इतनी हल्के में नहीं ले सकते।