बॉलीवुड और ओटीटी की चहेती अभिनेत्री सयानी गुप्ता ने हाल ही में अपने करियर के शुरुआती दिनों का दर्दभरा किस्सा शेयर किया। कॉरपोरेट जॉब छोड़कर एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने का उनका फैसला परिवार के लिए स्वीकार्य नहीं था। खासकर उनकी मां ने सख्त विरोध जताया और भावुक होकर खुद की कलाई काट लेने की धमकी तक दे डाली। यह खुलासा एक इंटरव्यू में किया गया, जहां सयानी ने बताया कि मां ने उन्हें कमरे में बंद कर दिया था।
सयानी ने पुणे के FTII में एडमिशन लेने का फैसला किया, लेकिन मां को यह बात नागवार गुजरी। अकेले ही उनकी परवरिश करने वाली मां का सबसे बड़ा डर बेटी की सुरक्षा था। उनका मानना था कि एक्टिंग का पेशा गंदा है और अभिनेत्रियों को समाज गलत नजर से देखता है। इतना ही नहीं, मां ने इसे वेश्यावृत्ति से जोड़कर देखा और कहा, "अगर तुम एक्टिंग करने गईं तो मैं अपनी कलाई काट लूंगी।" सयानी ने बताया कि मां ने उन्हें कई दिनों तक घर से बाहर न जाने दिया, लेकिन उनकी जिद के आगे झुकना पड़ा।
फिर भी सयानी FTII पहुंचीं और वहां किस्मत ने उनका साथ दिया। स्टूडेंट फिल्मों की कमी के कारण उन्हें तुरंत पांच प्रोजेक्ट्स मिल गए। तीन फिल्मों में काम करने के बाद मां का नजरिया बदला। एक फिल्म देखने के बाद उन्होंने कहा, "अगर तुम्हें दो साल और यही करना है, तो कर लो।" धीरे-धीरे मां को उनकी मेहनत पर गर्व हुआ। सयानी ने 'जॉली एलएलबी 2', 'आर्टिकल 15', 'पगलैट' जैसी फिल्मों से पहचान बनाई। ओटीटी पर 'दिल्ली क्राइम', 'फोर मोर शॉट्स प्लीज' के चौथे सीजन ने उन्हें घर-घर पहचान दी।
आज सयानी इंडस्ट्री में अपनी सशक्त भूमिकाओं के लिए जानी जाती हैं। उनका यह सफर उन बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो परिवार के विरोध के बावजूद सपनों को पूरा करती हैं। मां का डर जायज था, लेकिन सयानी ने साबित कर दिया कि मेहनत और टैलेंट से हर दीवार टूट सकती है। परिवार और करियर के बीच का यह संघर्ष आज भी लाखों लड़कियों की कहानी है।
इस दौरान सयानी के लिए हालात बेहद भावनात्मक और कठिन हो गए थे। एक तरफ उनका सपना था, दूसरी तरफ मां का डर और विरोध। उन्होंने बताया कि मां का यह कहना कि "अगर तुम एक्टिंग में गई तो मैं अपनी नसें काट लूंगी" उनके लिए बेहद दर्दनाक था। लेकिन सयानी ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने जुनून को चुना और थिएटर से लेकर फिल्मों तक का सफर तय किया।
आज सयानी गुप्ता इंडस्ट्री की एक सशक्त और प्रतिभाशाली अभिनेत्री मानी जाती हैं। मार्गरीटा विद ए स्ट्रॉ, फैन, आर्टिकल 15 और फोर मोर शॉट्स प्लीज जैसी फिल्मों और वेब सीरीज में उनके काम को खूब सराहा गया है। उन्होंने साबित किया कि अगर इंसान अपने सपनों के लिए डटा रहे, तो मुश्किलें चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, उन्हें पार किया जा सकता है।
सयानी का यह खुलासा न सिर्फ उनके संघर्षों को उजागर करता है, बल्कि उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अपने परिवार के विरोध के बावजूद अपने सपनों को जीना चाहते हैं। यह कहानी दिखाती है कि कला और जुनून के रास्ते पर चलना आसान नहीं होता, लेकिन दृढ़ संकल्प और मेहनत से हर बाधा को पार किया जा सकता है।