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Drishyam: 'दृश्यम' के पार्ट 1 और 2 को इन ट्विस्ट- टर्न ने बनाया था धमाकेदार, इस बार क्या होने वाला है खास?

Drishyam: अजय देवगन की 'दृश्यम 3' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। फिल्म 2 अक्टूबर 2026 में रिलीज होगी। लेकिन इससे पहले एक नजर डालते हैं पार्ट वन और टू के उन ट्विस्ट और टर्न पर, जिसके चलते ये सुपरहिट हुई।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Aug 24, 2026 पर 5:07 PM
Drishyam: 'दृश्यम' के पार्ट 1 और 2 को इन ट्विस्ट- टर्न ने बनाया था धमाकेदार, इस बार क्या होने वाला है खास?
ट्विस्ट, राज और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए विजय की सोच-समझकर की गई चालों से भरी दो फिल्मों के बाद, अब ये पार्ट यह दिखाने के लिए तैयार है कि उनकी कहानी का आखिर में क्या अंजाम होता है।

Drishyam: अजय देवगन हिंदी वर्जन वाली 'दृश्यम' फ्रैंचाइजी की तीसरी और आखिरी फिल्म में विजय सलगांवकर के रोल में वापसी कर रहे हैं। एक्टर ने तीसरी फिल्म का ऑफिशियल टाइटल 'दृश्यम द कन्क्लूज़न' अनाउंस किया है, जो 2 अक्टूबर, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ट्विस्ट, राज और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए विजय की सोच-समझकर की गई चालों से भरी दो फिल्मों के बाद, अब ये पार्ट यह दिखाने के लिए तैयार है कि उनकी कहानी का आखिर में क्या अंजाम होता है। लेकिन इससे पहले एक नजर डालते हैं पार्ट वन और टू के उन ट्विस्ट और टर्न पर, जिसके चलते ये सुपरहिट हुई।

'दृश्यम 1' के ट्विस्ट और टर्न

अजय देवगन की फिल्म के पार्ट वन में सबसे बड़ा ट्विस्ट होता है, जब पुलिस को लगता है कि उन्होंने सैम की लाश ढूंढ निकाला है। लेकिन खुदाई करने पर वहां से एक कुत्ते का कंकाल मिलता है। इसके बाद आता है फिल्म का आखिरी सीन, जहां असली गेम पता चलता है। विजय सावरकर (अजय देवगन) ने सैम की लाश को ऐसी जगह छुपाया है, जहां पर किसी को शक तक नहीं होता है। दरअसल वह नए बन रहे पुलिस स्टेशन के नीचे उसे दफना देता है, जिसका उद्घाटन खुद आईजी (तबू) करती हैं।

'दृश्यम 2' के ट्विस्ट और टर्न

पार्ट 2 में पुलिस स्टेशन की खुदाई करके सैम का असली कंकाल ढूंढ लिया जाता है, जिससे लगता है कि अब विजय पकड़ा जाएगा। लेकिन तभी अदालत में डीएनए (DNA) रिपोर्ट आती है और वह सैम के माता-पिता से नहीं मिलती है। इस सीन के बाद हर कोई हैरान रह जाता है। विजय अपनी इमेजनरी कहानी को पहले ही एक नॉवेल के रूप में छपवा देता है। इतना ही नहीं वह फॉरेंसिक लैब के सुरक्षाकर्मी और श्मशान के रखवाले से यारी-दोस्ती बना लेता है। जैसे ही पुलिस स्टेशन से हड्डियां बरामद कर लैब जाते हैं, विजय वहां जाकर सैम के असली कंकाल को उसी उम्र के एक अन्य मरे हुई लड़के की हड्डियों से बदल देता है। इस तरह अदालत में पुलिस झूठी साबित हो जाती है।

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