Vijay-Trisha: फिर दोहराने वाला है इतिहास? MGR-जयललिला के बाद अब विजय-तृषा कृष्णन का होगा तमिलनाडु की राजनीति में बोलबाला

Vijay-Trisha: खबरों के मुताबिक TVK के नेता चाहते हैं कि तृषा पार्टी में शामिल हों और तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली पूर्वी निर्वाचन क्षेत्र से उपचुनाव लड़ें। वहीं राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ पूरे देश में चर्चा हो रही है कि क्या तमिलनाडु में इतिहास खुद को दोहराने जा रहा है।

अपडेटेड May 07, 2026 पर 12:21 PM
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विजय और TVK के नेता अब तृषा कृष्णन को इस सीट से चुनाव लड़ने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं।

Vijay-Trisha: थलपति विजय का राजनीतिक डेब्यू यादगार बन गया है। एक्टर से राजनेता बने विजय की पार्टी 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में 108 सीटों पर जीत हासिल की है। जहां एक तरफ हर कोई विजय की इस बड़ी जीत का जश्न मना रहा है, वहीं फैंस के लिए एक और अच्छी खबर है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तृषा भी राजनीति में कदम रख सकती हैं। TVK के नेता चाहते हैं कि तृषा पार्टी में शामिल हों और तमिलनाडु की तिरुचिरापल्ली पूर्वी सीट से उपचुनाव लड़ें।

तृषा कृष्णन लड़ेंगी चुनाव?

विजय ने तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में दो सीटों-चेन्नई की पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व से जीत हासिल की है। नियमों के अनुसार, वह दोनों सीटें अपने पास नहीं रख सकते। इसलिए, उन्हें 14 दिनों के भीतर किसी एक सीट से इस्तीफा देना होगा। इसके बाद, जिस सीट को वह खाली करेंगे, उस पर उपचुनाव का ऐलान किया जाएगा।


खबरों के मुताबिक, विजय और उनकी पार्टी के सदस्य चाहते हैं कि वह पेरम्बूर सीट अपने पास ही रखें, क्योंकि वहां उनकी जीत का अंतर लगभग दोगुना है और यह निर्वाचन क्षेत्र राज्य सचिवालय के भी करीब है। इसका मतलब है कि विजय के तिरुचिरापल्ली पूर्व सीट से इस्तीफा देने की संभावना है।

बताया जा रहा है कि विजय और TVK के नेता अब तृषा कृष्णन को इस सीट से चुनाव लड़ने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, चूंकि तृषा का कोई राजनीतिक बैकग्राउंड नहीं है, इसलिए वह राजनीति में आने को लेकर बहुत ज़्यादा इच्छुक नहीं हैं।

तमिलनाडु में दोहराएगा इतिहास?

तमिलनाडु में राजनीति और सिनेमा एक बार फिर से आपस में गहरे तौर पर जुड़ गए हैं, जो लोगों को अतीत की याद दिला रहा है। सोशल मीडिया पर कई लोग अब यह कह रहे हैं कि इतिहास खुद को दोहरा रहा है, क्योंकि जे. जयललिता के दौर और अभिनेत्री तृषा कृष्णन से जुड़ी मौजूदा स्थिति के बीच कई समानताएं देखने को मिल रही हैं।

पहले, एम. जी. रामचंद्रन (MGR) और जयललिता के बीच के रिश्ते की खूब चर्चा होती थी। राजनीति में आने से पहले, दोनों ही बड़े फ़िल्मी सितारे थे। समय के साथ, MGR के बाद जयललिता एक ताक़तवर राजनेता बनीं और उन्होंने तमिलनाडु की राजनीति में अहम भूमिका निभाई। अब, अभिनेता से राजनेता बने विजय और तृषा के बारे में भी वैसी ही चर्चा हो रही है।

पहले जयललिता को MGR के लिए एक मज़बूत सहारा माना जाता था, और बाद में वह खुद एक अहम राजनीतिक हस्ती बन गईं। आज कुछ लोगों का मानना ​​है कि तृषा भी विजय के सफ़र में एक अहम भूमिका निभा सकती हैं, खासकर अगर उनका राजनीतिक करियर और आगे बढ़ता है। समर्थकों का तो यह भी कहना है कि उनकी जोड़ी जनता के बीच काफ़ी लोकप्रिय हो रही है।

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