Padma awards 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 25 मई को नई दिल्ली में 131 पद्म पुरस्कार 2026 दिग्गज हस्तियों को देने जा रही हैं। लेकिन फिल्म इंडस्ट्री में ऐसी भी कई हस्तियां हैं, जिन्होंने इस अवॉर्ड को लेने से मना कर दिया था। आईए जानते हैं इस लिस्ट में किस-किस स्टार्स का नाम शामिल हैं।
दिग्गज राइटर सलीम खान का नाम पद्म पुरस्कार ठुकराने से जुड़े सबसे चर्चित नामों में से एक हैं। 2015 में, सरकार ने संसद में पुष्टि करते हुए बताया था कि सलीम खान उन पांच लोगों में शामिल थे, जिन्होंने उस साल पद्म पुरस्कार स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। हालांकि सलीम खान ने इस इनकार पर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया, लेकिन उस समय की खबरों से संकेत मिलता है कि वे दिए जा रहे सम्मान की कैटागरी से खुश नहीं थे। बाद में फिल्म इंडस्ट्री में हुई चर्चाओं में इस फैसले को इस धारणा से जोड़ा गया कि भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए सलीम खान को इससे भी बड़ा सम्मान मिलना चाहिए था। सलीम खान ने जावेद अख्तर के साथ मिलकर शोले, दीवार और जंजीर जैसी हिट फिल्मों के माध्यम से मेनस्ट्रीम के हिंदी सिनेमा लेखन को पूरी तरह से बदल दिया था। उनकी लेखन साझेदारी ने बॉलीवुड के "एंग्री यंग मैन" युग दिया।
सुचित्रा सेन को बंगाली सिनेमा की पॉपुलर एक्ट्रेसेस में से एक थीं। लेकिन उनका प्रभाव क्षेत्रीय सिनेमा से कहीं अधिक था। कहा जाता है कि इस दिग्गज अभिनेत्री ने पद्म श्री पुरस्कार को इसलिए ठुकरा दिया था क्योंकि उन्होंने सार्वजनिक जीवन से खुद को काफी हद तक अलग कर लिया था और अपने आखिरी सालों में पब्लिकली दिखने से उन्हें परहेज था।
खुशवंत सिंह सीधे तो बॉलीवुड से जुड़े नहीं थे, लेकिन हिंदी फिल्म इंडस्ट्री और भारतीय सार्वजनिक जीवन से उनका गहरा सांस्कृतिक जुड़ाव था। पॉपुलर लेखक खुशवंत सिंह ने ऑपरेशन ब्लू स्टार के विरोध में 1984 में अपना पद्म भूषण पुरस्कार लौटा दिया था। हालांकि सालों बाद उन्होंने 2007 में पद्म विभूषण स्वीकार कर लिया था। खुशवंत सिंह ने खुलकर बताया था कि पुरस्कार लौटाने का उनका निर्णय स्वर्ण मंदिर पर सैन्य कार्रवाई से उत्पन्न गहरी निराशा से जुड़ा था।
श्रीदेवी ने कभी पद्म सम्मान को ठुकराया नहीं, लेकिन पद्म पुरस्कारों से जुड़े विवादों में उनका नाम अक्सर आता है। कई प्रशंसकों का मानना है कि उन्हें यह सम्मान बहुत पहले मिल जाना चाहिए था। हिंदी, तमिल और तेलुगु सिनेमा में दशकों तक दबदबा बनाए रखने के बाद आखिरकार उन्हें 2013 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। लेकिन आलोचकों और प्रशंसकों ने अक्सर सवाल उठाया कि भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी महिला सुपरस्टारों में से एक को इतना लंबा इंतजार क्यों करना पड़ा। उनके निधन के बाद यह बहस और भी तेज हो गई थी। क्योंकि कई फैंस का तर्क था कि बॉलीवुड अभिनेत्रियों को ऐतिहासिक रूप से पुरुष सितारों की तुलना में देर से सम्मान मिलता रहा है।
सालों से ऐसी अफवाहें उड़ती रहीं कि सुपरस्टार रजनीकांत अपने साथी अभिनेताओं से पहले पद्म भूषण पुरस्कार प्राप्त करने से नाखुश थे। हालांकि, अभिनेता ने कभी भी सार्वजनिक रूप से पुरस्कार को अस्वीकार नहीं किया और बाद में पद्म भूषण और पद्म विभूषण दोनों को स्वीकार कर लिए थे।