Fungal infections: बारिश में शरीर पर दिख रहे हैं ये 3 संकेत? फंगल इंफेक्शन का हो सकता है खतरा
Fungal infections: बारिश का मौसम आते ही फंगल इंफेक्शन के मामले बढ़ने लगते हैं। हवा में नमी, ज्यादा पसीना और त्वचा का लंबे समय तक गीला रहना इसकी बड़ी वजह माने जाते हैं। शुरुआत में मामूली दिखने वाली खुजली और लाल चकत्ते बाद में परेशानी बढ़ा सकते हैं। ऐसे में समय रहते इसके लक्षण और बचाव के उपाय जानना जरूरी है
Fungal infections: नहाने के बाद शरीर को अच्छी तरह सुखाएं। कहीं भी नमी न रहने दें।
मानसून का मौसम गर्मी से राहत लेकर आता है, लेकिन इसके साथ कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। इन्हीं में से एक है फंगल इंफेक्शन। बारिश के दिनों में हवा में नमी बढ़ जाती है, शरीर पर ज्यादा पसीना आता है और कई बार कपड़े या जूते भी देर तक गीले रहते हैं। ऐसी स्थिति फंगस को तेजी से बढ़ने का मौका देती है। यही वजह है कि इस मौसम में खुजली, लाल चकत्ते और त्वचा संबंधी समस्याएं ज्यादा देखने को मिलती हैं।
फंगल इंफेक्शन क्या होता है?
फंगल इंफेक्शन फंगस के कारण होने वाला संक्रमण है। यह त्वचा, नाखून, बाल, मुंह और शरीर के अन्य हिस्सों को प्रभावित कर सकता है। फंगस को नमी और गर्म वातावरण पसंद होता है, इसलिए बारिश का मौसम इसके फैलने के लिए अनुकूल माना जाता है।
बारिश में क्यों बढ़ जाता है इसका खतरा?
नमी और पसीना बनते हैं कारण
मानसून में वातावरण में नमी बढ़ने से शरीर में ज्यादा पसीना आता है। अगर त्वचा लंबे समय तक गीली रहे तो फंगस तेजी से पनपने लगता है। बगल, गर्दन, जांघों के बीच और त्वचा की सिलवटों वाले हिस्से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।
गीले कपड़े और जूते
बारिश में भीगने के बाद कई लोग लंबे समय तक गीले कपड़े या जूते पहने रहते हैं। इससे पैरों और नाखूनों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
टाइट कपड़े भी बढ़ाते हैं परेशानी
बहुत ज्यादा टाइट या सिंथेटिक कपड़े पहनने से त्वचा तक हवा नहीं पहुंच पाती। इससे पसीना और नमी फंस जाती है, जो फंगल इंफेक्शन को बढ़ावा देती है।
किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है?
फंगल इंफेक्शन किसी को भी हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में इसका खतरा ज्यादा होता है।
डायबिटीज के मरीज
कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग
एचआईवी या कैंसर से पीड़ित मरीज
ज्यादा पसीना आने वाले लोग
लंबे समय तक एंटीबायोटिक दवाएं लेने वाले लोग
फंगल इंफेक्शन के संकेत
अगर शरीर में ये लक्षण दिखाई दें तो सतर्क हो जाना चाहिए।
त्वचा पर लाल चकत्ते
लगातार खुजली
जलन या चुभन
त्वचा का फटना या पपड़ी निकलना
पैरों से दुर्गंध आना
नाखूनों का पीला और मोटा होना
मुंह में सफेद धब्बे दिखाई देना
फंगल इंफेक्शन के आम प्रकार
दाद
त्वचा पर गोल आकार के लाल निशान और तेज खुजली इसकी पहचान है।
एथलीट्स फुट
यह पैरों और उंगलियों के बीच होता है। इसमें त्वचा फट सकती है और बदबू भी आने लगती है।
जॉक इच
यह जांघों और निजी अंगों के आसपास होने वाला संक्रमण है, जिसमें खुजली और लाल चकत्ते दिखाई देते हैं।
नेल फंगस
इसमें नाखून पीले, मोटे और कमजोर होने लगते हैं।
बचाव के आसान उपाय
शरीर को साफ और सूखा रखें
नहाने के बाद शरीर को अच्छी तरह सुखाएं। कहीं भी नमी न रहने दें।
सूती कपड़े पहनें
ढीले और कॉटन के कपड़े पहनना बेहतर होता है। इससे त्वचा तक हवा पहुंचती रहती है।
पैरों की सफाई पर ध्यान दें
गीले जूते-मोजे दोबारा न पहनें और पैरों को सूखा रखें।
निजी सामान साझा न करें
तौलिया, कंघी, मोजे और रेजर जैसी चीजें किसी और के साथ शेयर करने से बचें।
नाखून साफ रखें
छोटे और साफ नाखून संक्रमण का खतरा कम करते हैं।
कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
अगर खुजली या लाल चकत्ते एक हफ्ते से ज्यादा बने रहें, बार-बार वापस आएं या तेजी से फैलने लगें, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें। डायबिटीज और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए।
थोड़ी सी सावधानी, बड़ी राहत
फंगल इंफेक्शन आम समस्या जरूर है, लेकिन सही देखभाल और स्वच्छता अपनाकर इससे बचा जा सकता है। बारिश के मौसम में शरीर को साफ और सूखा रखना ही इस संक्रमण से बचने का सबसे आसान और असरदार तरीका है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य स्वास्थ्य सुझावों पर आधारित है। इसे किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प न मानें। किसी भी नए व्यायाम को शुरू करने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह जरूर लें।