Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के एक छोटे से गांव घुरकोट से दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां पर तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के 5 बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी बच्चों को उल्टी, दस्त और सांस लेने में तकलीफ होने लगी। परिवारवाले उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए; हालांकि, रास्ते में ही एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि बाकी 4 का इलाज चल रहा है।
खबरों के अनुसार, पोडी दलहा के अखिलेश धीवर (15), अवारिद के श्री धीवर (4), खटोला के पिंटू धीवर (12), कोटगढ़ के नरेंद्र धीवर और हितेश धीवर (13) एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद अपने मामा के गांव घुरकोट पहुंचे थे। सोमवार को दोपहर करीब 12 बजे सभी बच्चों ने घर में रखा तरबूज खा लिया।
पता चला है कि तरबूज खाने के लगभग दो घंटे बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। अखिलेश धीवर को सबसे पहले उल्टी, दस्त और सांस लेने में तकलीफ के लक्षण महसूस हुए। उसकी हालत गंभीर हो जाने पर परिवारवाले उसे जिला अस्पताल ले जाने के लिए निकले, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
प्रशासन ने तरबूज के सैंपल जांच के लिए भेजे
घटना की सूचना मिलते ही अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की टीमें गांव और अस्पताल दोनों जगह पहुंच चुकी हैं। प्रशासन ने तरबूज के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं, वहीं मौत के सटीक कारण का पता लगाने के लिए शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है।
जिला अस्पताल के डॉक्टर ने क्या कहा?
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. एस. कुजूर ने कहा, ‘‘शुरुआती जानकारी के अनुसार, बच्चों ने रविवार शाम को घर में रखा पहले से कटा तरबूज खाया था। कुछ घंटों बाद, अखिलेश को उल्टी, दस्त और सांस लेने में तकलीफ होने लगी। बाद में यही लक्षण अन्य बच्चों में भी देखे गए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जैसे-जैसे उनकी हालत बिगड़ने लगी, परिवार वाले उन्हें सोमवार को अलग-अलग समय पर एम्बुलेंस से जिला अस्पताल ले गए। अस्पताल पहुंचने पर अखिलेश को मृत घोषित कर दिया गया। अन्य बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।’’
कुजूर ने बताया कि जानकारी के अनुसार, तरबूज को सुबह काटा गया था और कई घंटों बाद खाया गया जिससे उसमें संक्रमण होने की आशंका बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि संदूषित तरबूज खाने के बाद बच्चे खाद्य विषाक्ता का शिकार हुए।’’
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
डॉक्टर ने बताया कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है और फॉरेंसिक जांच के लिए विसरा के नमूने सुरक्षित रख लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि घर में रखा एक और तरबूज लैब टेस्ट के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग को भेज दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि मौत और बीमारी के पीछे का सही कारण फॉरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चल पाएगा।