Bhopal Hotel Case: भोपाल में दबंगों ने 'लव जिहाद' के नाम पर की युवक की पिटाई, चेहरे पर लगाया स्याही और फेंका गोबर

Bhopal Hotel Case: भोपाल में रविवार शाम एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। एक होटल में ठहरे मुस्लिम युवक के साथ कुछ लोगों ने जमकर मारपीट की, उसके चेहरे पर स्याही और गोबर लगाया और सबके सामने उसे अपमानित किया।

अपडेटेड May 12, 2026 पर 10:35 AM
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भोपाल में दबंगों ने 'लव जिहाद' के नाम पर की युवक की पिटाई

Bhopal Hotel Case: भोपाल में रविवार शाम एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। एक होटल में ठहरे मुस्लिम युवक के साथ कुछ लोगों ने जमकर मारपीट की, उसके चेहरे पर स्याही और गोबर लगाया और सबके सामने उसे अपमानित किया। बताया जा रहा है कि यह सब केवल इस शक में हुआ कि वह एक हिंदू महिला के साथ रिश्ते में है।

यह घटना तब घटी जब हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर यह सूचना मिलने के बाद होटल में धावा बोल दिया कि एक मुस्लिम पुरुष और एक हिंदू महिला साथ रह रहे हैं। इसके बाद जो दृश्य सामने आया, उसे कई लोग भीड़ द्वारा की गई हिंसा का भयावह प्रदर्शन बता रहे हैं।

उपद्रवियों ने दंपति को होटल के कमरे से बाहर घसीटा


हिंदू संगठन के सदस्यों ने जबरन होटल के कमरे में घुसकर, दंपति को बाहर घसीटा और आदमी पर तथाकथित "लव जिहाद" में शामिल होने का आरोप लगाया। महिला के बार-बार यह कहने के बावजूद कि वह पिछले 5 सालों से उस व्यक्ति के साथ सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप में थी, भीड़ कथित तौर पर नहीं मानी।

युवक की पहचान जहांगीराबाद निवासी 27 वर्षीय आरिफ खान के रूप में हुई है। आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई, उसके कपड़े उतरवाकर उसे अधमरा कर दिया गया और चेहरे पर स्याही और गोबर लगाया गया। इसके बाद उसे सार्वजनिक रूप से घुमाते हुए पुलिस के हवाले कर दिया गया।

महिला ने पुलिस को दी जानकारी

पुलिस स्टेशन में, अयोध्या नगर की रहने वाली महिला ने साफ-साफ अधिकारियों को बताया कि वह स्वेच्छा से आरिफ से मिलने आई थी और उस पर किसी प्रकार का दबाव, यौन दुर्व्यवहार या जबरन धर्म परिवर्तन का कोई आरोप नहीं था। उसने बताया कि उसके घर में पुरुषों के आने पर प्रतिबंध होने के कारण, दोनों ने होटल में निजी तौर पर मिलने का फैसला किया था। उसने आरिफ के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज कराने से भी इनकार कर दिया।

औपचारिक शिकायतों के अभाव में हमले के संबंध में कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया, लेकिन पुलिस जांच में पता चला कि आरिफ खान का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। भोपाल के कई पुलिस थानों में उसके खिलाफ धोखाधड़ी, चोरी और विश्वासघात के छह से अधिक मामले दर्ज हैं, साथ ही पांच अदालती मामले लंबित हैं। पुलिस ने पुष्टि की कि आरिफ को हाल ही में जमानत पर रिहा किया गया था। गोविंदपुरा थाने के प्रभारी अवधेश सिंह तोमर ने बताया कि सभी संबंधित पक्षों को परामर्श दिया गया और बाद में सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की कड़ी चेतावनी के साथ रिहा कर दिया गया।

मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत कुल 283 केस दर्ज 

यह घटना एक बड़ा सवाल भी खड़ा करती है कि ऐसे मामलों में आरोप और अदालत के फैसले के बीच कितना बड़ा अंतर होता है। मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2020 से जुलाई 2025 के बीच मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत कुल 283 मामले दर्ज किए गए। इनमें सबसे ज्यादा 74 मामले इंदौर में और 33 मामले भोपाल में दर्ज हुए।

हालांकि, इनमें से 197 मामले अभी भी अदालतों में लंबित हैं। वहीं, जिन 86 मामलों में जांच पूरी होने के बाद फैसला आया, उनमें 50 मामलों में आरोपियों को बरी कर दिया गया। सिर्फ 7 मामलों में ही दोष साबित हो सका और सजा हुई।

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