देश में सोना और महंगा हो गया है। ज्यादातर शहरों में 15 मई की सुबह सोने की कीमत में बढ़ोतरी हुई है। इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाए जाने के बाद सोना सस्ता होने के बजाय तेज होता जा रहा है। राजधानी दिल्ली में आज सुबह 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 162270 रुपये प्रति 10 ग्राम है। मुंबई में 24 कैरेट का भाव अब 162340 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 650 रुपये बढ़कर 1,66,000 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई।
सोने की कीमत बढ़ने की अहम वजह है भू-राजनीतिक तनाव का जारी होना और डॉलर के मुकाबले रुपये का रिकॉर्ड निचले स्तर पर आना। गुरुवार को रुपया और कमजोर हुआ और डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर 95.73 (अस्थायी) पर आ गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,704.30 डॉलर प्रति औंस पर है।
बता दें कि भारत सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क यानि कि इंपोर्ट ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी है। प्लैटिनम पर इसे 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत किया गया है। सोने/चांदी के डोरे, सिक्के, अन्य वस्तुएं आदि पर भी टैक्स में बदलाव किए गए हैं। नई इंपोर्ट ड्यूटी बुधवार, 13 मई से लागू हो गई।
देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट
दिल्ली में सोने की कीमत: दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 162270 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 148960 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 148810 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 162340 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 164190 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 150510 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 162340 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 148810 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में गिरावट आई है। 15 मई की सुबह चांदी का भाव 299900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में चांदी की कीमत 900 रुपये टूटकर 2,96,600 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। इस साल जनवरी महीने में देश में चांदी की कीमत 4 लाख रुपये के आंकड़े को क्रॉस कर गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी 87.04 डॉलर प्रति औंस पर है। देश के अंदर सोने और चांदी की कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।