'अमेरिका पर भरोसा नहीं और भारत से संबंध…', जंग के बीच ईरान के विदेश मंत्री ने दिया ये बड़ा बयान

Strait Of Hormuz: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि, हमारे पास अमेरिका पर भरोसा न करने की कई वजहें हैं। साल 2015 में हमने अमेरिका और पी5 देशों के साथ परमाणु समझौता किया था। उस समय पूरी दुनिया ने इस समझौते का स्वागत किया था। लेकिन सिर्फ एक साल बाद ही डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली नई अमेरिकी सरकार इस समझौते यानी जेसीपीओए से बाहर हो गई

अपडेटेड May 15, 2026 पर 6:35 PM
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अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। बीते दो महीने से जारी इस जंग में फिलहाल सीजफायर पर दोनों देश सहमत नजर नहीं जा रहे हैं। वहीं जंग के इस बादल के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भारत को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। बता दें कि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भारत दौरे पर हैं। यहां उन्होंने अमेरिका के साथ जंग और ईरान-भारत संबंधों पर के साथ कई अहम मुद्दों पर बात की। भारत-ईरान संबंधों पर अराघची ने कहा कि ईरान और भारत 2 प्राचीन सभ्यताएं हैं। दोनों देशों के बीच बहुत अच्छे संबंध रहे हैं। होर्मुज सभी मित्र देशों के लिए खुला है।

'अमेरिका पर भरोसा करना मुश्किल' - अराघची

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि, हमारे पास अमेरिका पर भरोसा न करने की कई वजहें हैं। साल 2015 में हमने अमेरिका और पी5 देशों के साथ परमाणु समझौता किया था। उस समय पूरी दुनिया ने इस समझौते का स्वागत किया था। लेकिन सिर्फ एक साल बाद ही डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली नई अमेरिकी सरकार इस समझौते यानी जेसीपीओए से बाहर हो गई।


इसके बाद जून 2025 में दोनों देशों के बीच पांच दौर की बातचीत हुई, लेकिन फिर भी अमेरिका ने हम पर हमला कर दिया। इस साल भी तीन दौर की बातचीत हुई थी। ओमान के विदेश मंत्री ने इन वार्ताओं में मध्यस्थ की भूमिका निभाई और कहा था कि बातचीत में अच्छी प्रगति हो रही है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने भी माना था कि चर्चा सही दिशा में बढ़ रही है, लेकिन सिर्फ दो दिन बाद अमेरिका ने इज़रायल के साथ मिलकर हम पर हमला कर दिया। इसी वजह से हमें लगता है कि अमेरिका पर भरोसा करना मुश्किल है।

'भारत से ईरान के मजबूत रिश्ते'

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि मौजूदा बातचीत भरोसे की कमी और डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दिए जा रहे “जीत के संदेशों” की वजह से प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि हालात मुश्किल जरूर हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि आखिर में कूटनीति ही सफल होगी। अराघची के मुताबिक, बातचीत के जरिए समाधान निकालने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। भारत और यूएई के रिश्तों पर बात करते हुए अब्बास अराघची ने कहा कि भारत के दुनिया के कई देशों के साथ अच्छे संबंध हैं और अपने विदेशी रिश्तों को लेकर फैसला लेना भारत का अधिकार है। उन्होंने कहा कि ईरान के लिए सबसे ज्यादा अहम बात भारत और ईरान के बीच मजबूत संबंध हैं।

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