IMD की चेतावनी: 7 दिन यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश, 3 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव और 72 घंटों में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी बढ़ाएगा आफत!
IMD Heavy Rain Alert: मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने एक बेहद मजबूत वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) और देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय 3 चक्रवाती परिसंचरण की वजह से अगले 7 दिनों के दौरान उत्तर-पूर्वी भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है
IMD Heavy Rain Alert: करीब एक सप्ताह तक यूपी समेत देश के कई राज्यों में भारी बारिश होने की आशंका है
India Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर एक बड़ा और व्यापक साप्ताहिक पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने एक बेहद मजबूत वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) और देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय 3 चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations) की वजह से अगले 7 दिनों के दौरान उत्तर-पूर्वी भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।
इसके अलावा अगले 72 घंटों के भीतर (19 जुलाई से) उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) दस्तक देने जा रहा है। ये बारिश की रफ्तार को और तेज कर देगा। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों और अगले 7 दिनों तक पश्चिम-मध्य व दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी देखी जा सकती है।
मौसम विभाग के वेदर बुलेटिन के आधार पर आइए जानते हैं पूरे हफ्ते (16 से 22 जुलाई तक) आपके राज्य के मौसम का पूरा हाल।
एक्टिव वेदर सिस्टम्स का विश्लेषण
मौसम विभाग के मुताबिक इस समय वायुमंडल में कई ताकतवर वेदर सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं:-
वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर एक मजबूत कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। यह अगले 2 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल को पार करेगा। इसी सिस्टम से लेकर पूर्व-मध्य अरब सागर तक मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है।
इसके अलावा अभी 3 चक्रवाती परिसंचरण एक्टिव हैं। पहला चक्रवाती सिस्टम जम्मू संभाग और उसके आस-पास के क्षेत्र में मध्य क्षोभमंडल स्तर पर सक्रिय है। दूसरा चक्रवाती सिस्टम पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर निचले क्षोभमंडल स्तर पर बना हुआ है। तीसरा चक्रवाती सिस्टम दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आस-पास के इलाके में मौजूद है। इसके अलावा उत्तर हरियाणा के ऊपर भी एक लोअर ट्रॉपोस्फेरिक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। 19 जुलाई से एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करना शुरू करेगा। इससे पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम बदलेगा।
पूरे हफ्ते का राज्यवार वेदर फोरकास्ट और अलर्ट (16-22 जुलाई)
उत्तर-पश्चिम भारत (यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पहाड़ी राज्य)
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16-17 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी लेकिन 18 से 22 जुलाई के बीच यहां व्यापक बारिश का दौर चलेगा। 17-18 जुलाई और 22 जुलाई को पूर्वी यूपी में भारी बारिश जबकि 19 से 21 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16-18 जुलाई तक छिटपुट बारिश के बाद 19 से 22 जुलाई तक व्यापक बारिश और भारी बारिश होने की संभावना है।
दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 16 से 19 जुलाई तक छिटपुट बारिश की संभावना है। इसके बाद 20 से 22 जुलाई के बीच मौसम करवट लेगा और व्यापक बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में पूरे हफ्ते (16-22 जुलाई) व्यापक बारिश होगी। यहां 16-17 जुलाई व 22 जुलाई को भारी बारिश और 18 से 21 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। हिमाचल में 18-22 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जिसमें 19-22 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट शामिल है।
जम्मू-कश्मीर में 18-22 जुलाई को भारी बारिश होगी। यहां 21 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश की आशंका है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 16 से 22 जुलाई तक छिटपुट से लेकर बिखरी हुई बारिश का दौर जारी रहेगा।
पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल)
ओडिशा में आज (16 जुलाई) कुछ स्थानों पर बहुत भारी से लेकर अत्यंत भारी मूसलाधार बारिश होने की चेतावनी है। इसके बाद 16-18 जुलाई को व्यापक बारिश होगी और 18-20 जुलाई को फिर से भारी बारिश का दौर लौटेगा। 17 जुलाई को यहां बहुत भारी बारिश की संभावना है। बिहार में 17 से 21 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 16-17 जुलाई और 21-22 जुलाई को भारी बारिश जबकि 18 से 20 जुलाई के दौरान बिहार में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। झारखंड में 16 से 22 जुलाई तक व्यापक बारिश का अनुमान है जिसमें 16-18 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।
गांगेय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 16 से 22 जुलाई तक पूरे हफ्ते भारी और व्यापक बारिश की गतिविधि जारी रहेगी। उप-हिमालयी क्षेत्र में 18-20 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।
मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ)
छत्तीसगढ़ में 16 से 22 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 16 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 17-21 जुलाई के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 17-22 जुलाई और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21-22 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 17-21 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अलर्ट है। विदर्भ में 20-22 जुलाई को व्यापक बारिश और 17-18 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और अन्य राज्य)
असम और मेघालय में पूरे हफ्ते (16-22 जुलाई) व्यापक बारिश जारी रहेगी जिसमें 16 से 19 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी पूरे हफ्ते व्यापक बारिश के साथ भारी बारिश की चेतावनी है। अरुणाचल प्रदेश में 17-19 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत
कोंकण और गोवा में 16 से 22 जुलाई तक पूरे हफ्ते व्यापक से बहुत व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा जिसमें 16 जुलाई को भारी बारिश शामिल है। गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में छिटपुट बारिश होगी। तटीय कर्नाटक में 17 से 22 जुलाई तक और केरल में 17 से 21 जुलाई तक व्यापक बारिश होने का अनुमान है। दक्षिण के अन्य राज्यों (तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिल नाडु) में पूरे हफ्ते केवल छिटपुट या बिखरी हुई बारिश ही देखने को मिलेगी।
आंधी-तूफान, बिजली और उमस भरी गर्मी का डबल अटैक
जम्मू-कश्मीर में 16-22 जुलाई तक 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी। राजस्थान में 20-22 जुलाई को धूलभरी आंधी और बिजली चमकने की संभावना है। झारखंड, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में भी 16-20 जुलाई के दौरान तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) के साथ बिजली गिरने का अलर्ट है।
तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा में 16 जुलाई को और तमिलनाडु, पुडुचेरी में 16-17 जुलाई को लू जैसी स्थिति रहेगी। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब में 16-18 जुलाई तक तथा उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी) व तेलंगाना में 16 जुलाई को अत्यधिक उमस और पसीने वाली गर्म हवाएं लोगों को परेशान करेंगी।
मछुआरों के लिए समंदर में नो-एंट्री की सलाह
खराब मौसम और तूफानी हवाओं के मद्देनजर मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है। 16 से 21 जुलाई के दौरान सोमालिया, ओमान के तटों और पश्चिम-मध्य व दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में जाने पर रोक है। गुजरात तट पर 18-21 जुलाई और उत्तरी महाराष्ट्र तट पर 19-20 जुलाई तक मछुआरों को न जाने की हिदायत है।
16 से 18 जुलाई के दौरान गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा तट और उत्तर व मध्य बंगाल की खाड़ी में जाने से बचें। अंडमान सागर में भी 16-17 जुलाई तक समंदर में उतरने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई गई है।