दिल्ली-NCR की जहरीली हवा से बच्चे, बूढ़े और जवान सभी का हाल बेहाल, सांस लेने में दिक्कत के चलते 5 साल के बच्चे को करानी पड़ी टॉन्सिल सर्जरी

Air Pollution Health Effects: गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में पिछले सप्ताह बच्चे की सर्जरी करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि प्रदूषित हवा और एलर्जी कारकों के लंबे समय तक संपर्क में रहने से उसके एडेनोइड्स और टॉन्सिल खतरनाक तरीके से सूज गए थे, जिससे सांस लेने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था

अपडेटेड Nov 30, 2025 पर 3:31 PM
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बच्चे की मां का दावा है कि क्रोनिक सूजन और सांस लेने की समस्याएं बढ़ते प्रदूषण के कारण उत्पन्न हुईं, जिसकी वजह से सर्जरी करनी पड़ी

Delhi NCR Pollution: दिल्ली-एनसीआर में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता का गंभीर असर अब बच्चों के स्वास्थ्य पर दिखने लगा है। नोएडा के एक पांच साल के बच्चे को हाल ही में टॉन्सिल और एडेनोइड्स को हटाने के लिए सर्जरी करानी पड़ी। बच्चे की मां का दावा है कि क्रोनिक सूजन और सांस लेने की समस्याएं बढ़ते प्रदूषण के कारण उत्पन्न हुईं, जिसकी वजह से सर्जरी करनी पड़ी।

गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में पिछले सप्ताह बच्चे की सर्जरी करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि प्रदूषित हवा और एलर्जी कारकों के लंबे समय तक संपर्क में रहने से उसके एडेनोइड्स और टॉन्सिल खतरनाक तरीके से सूज गए थे, जिससे सांस लेने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था।

प्रदूषण ने बढ़ाई बच्चे की मुश्किलें


जानकारी के मुताबिक, यह परिवार दो साल पहले नोएडा आया था। आने के बाद से ही बच्चे को लगातार खांसी, बार-बार ज़ुकाम और नाक बंद होने की समस्या रहने लगी। परिवार ने होम्योपैथी और एलोपैथी सहित कई उपचार आजमाए, लेकिन उसकी हालत बिगड़ती चली गई। बच्चे के पिता ने कहा, 'शुरुआत में यह मौसमी फ्लू जैसा लगा। लेकिन उसकी सांस लेने की समस्या लगातार बढ़ती गई। प्रदूषण और धूल ने सब कुछ और खराब कर दिया।'

डॉक्टरों ने जारी की चेतावनी

दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण की वजह से बच्चे, बूढ़े और जवान सभी पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। क्षेत्र के चिकित्सा पेशेवर अब बच्चों में एलर्जी और साइनस से संबंधित मामलों में काफी वृद्धि दर्ज कर रहे हैं। उनका मानना है कि लगातार खराब वायु गुणवत्ता लंबे समय तक श्वसन स्वास्थ्य समस्याओं में योगदान दे रही है। डॉक्टर ये चेतावनी दे रहे हैं कि बच्चों की श्वसन नलिकाएं और फेफड़े अभी विकसित हो रहे हैं, इसलिए वे विशेष रूप से संवेदनशील होते हैं। प्रदूषित हवा के बार-बार संपर्क में आने से गंभीर स्वास्थ्य परिणाम हो सकते हैं, जिसके कारण कई बार सर्जरी की जरूरत भी पड़ सकती है।

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