भारत ने 3 सेमीकंडक्टर प्लांट्स में उत्पादन शुरू कर दिया है और आने वाले वर्षों में 5 से 8 और प्लांट लगने की उम्मीद है। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कही है। 15 अगस्त 2026 को देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर दिल्ली में ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा उसकी बढ़ती तकनीकी आत्मनिर्भरता को दर्शाती है। सेमीकंडक्टर चिप्स इलेक्ट्रॉनिक्स, हेल्थकेयर, ट्रांसपोर्ट और हर आधुनिक तकनीक के लिए आवश्यक हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्षों तक देश में सेमीकंडक्टर पर चर्चा तो हुई, लेकिन बड़े पैमाने पर सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स का अभाव रहा। इन चिप्स के रणनीतिक महत्व को स्वीकार करते हुए, पीएम ने कहा कि भारत ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक कदम उठाए हैं। 3 सेमीकंडक्टर प्लांट्स में उत्पादन पहले ही शुरू हो चुका है और निर्यात भी जारी है।
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि अगले 7-8 वर्षों में 5 से 8 और प्लांट शुरू होने की उम्मीद है, जिससे 'आत्मनिर्भर भारत' और 'विकसित भारत' की दिशा में देश की यात्रा और मजबूत होगी।
परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में 200 गीगावाट का लक्ष्य, लग रहे हैं 5 नए रिएक्टर
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है। तमिलनाडु के कलपक्कम में प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) ने इस वर्ष ‘क्रिटिकैलिटी’ हासिल कर ली है। ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में परमाणु ऊर्जा महत्वपूर्ण साधन है। पीएम ने कहा कि देश ने 200 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य रखा है और 5 नए परमाणु रिएक्टर लगाए जा रहे हैं।
पीएम मोदी के मुताबिक, ‘‘ऊर्जा सुरक्षा आज की जरूरत है और इसलिए हमने इस दिशा में पहले ही कदम उठाए हैं। हमने संसद में ‘शांति’ अधिनियम पारित किया है और 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा हासिल करने का लक्ष्य रखा है।