सिंधु जल संधि को स्थगित करने के बाद भारत ने अब लद्दाख में बना दिया पहला रॉक चेक डैम! इसके असर को समझिए

लद्दाख प्रशासन ने उपशी में सिंधु नदी पर अपना पहला रॉक चेक डैम तैयार किया है। इस परियोजना का उद्देश्य सीमावर्ती इलाकों में नदी के पानी का बेहतर इस्तेमाल करना और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना है

अपडेटेड Sep 05, 2026 पर 10:45 AM
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उपशी में निर्मित यह चेक डैम केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में सिंधु नदी पर बनाया गया अपनी तरह का पहला रॉक चेक डैम है (Photo: Canva/Representation Image)

पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को स्थगित करने के बाद से चल रहे विवाद के बीच भारत सरकार ने बॉर्डर इलाकों में अपने जल संसाधनों का पूरा इस्तेमाल करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख ने उपशी में सिंधु नदी पर पहला रॉक चेक डैम बनाकर तैयार कर दिया है। इस स्ट्रैटिजिक और खेती के लिए फायदेमंद परियोजना का मेन उद्देश्य भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में बहने वाली नदियों के पानी का बेहतर और अधिकतम उपयोग करना है।

बिना सीमेंट के बना अनूठा चेक डैम: जल स्तर में 10 फीट की बढ़ोतरी

उपशी में निर्मित यह चेक डैम केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में सिंधु नदी पर बनाया गया अपनी तरह का पहला रॉक चेक डैम है। इसे बनाने में सीमेंट का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया गया है। इसे नदी के प्रवाह के बीच प्राकृतिक पत्थरों और विशाल चट्टानों को व्यवस्थित तरीके से रखकर तैयार किया गया है। इस चेक डैम के बनने से जल स्तर करीब 10 फीट तक बढ़ गया है। जल स्तर बढ़ने की वजह से अब पानी को इगू फे सिंचाई नहर के जरिए आसानी से खेती वाली जमीनों की तरफ मोड़ा जा रहा है। इस रॉक चेक डैम की जल संग्रहण क्षमता करीब 40 मिलियन लीटर (4 करोड़ लीटर) है।


लद्दाख के किसानों की पुरानी समस्या का स्थायी समाधान

यह चेक डैम लेह के कई हिस्सों में रहने वाले स्थानीय किसानों की एक पुरानी और गंभीर समस्या का स्थायी समाधान बनकर उभरा है। वसंत ऋतु में जब फसल की बुआई का समय होता है तब सिंधु नदी का जल स्तर काफी नीचे चला जाता है। खासकर उन जगहों पर जहां नदी गहरी घाटियों से होकर गुजरती है। वहां पंप के जरिए पानी लिफ्ट करना बेहद कठिन हो जाता था। इस वजह से कई कृषि क्षेत्रों को खेती के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता था। अब इस 40 मिलियन लीटर की भंडारण क्षमता वाले डैम के बनने से बुआई के मौसम में नदी के कम बहाव के बावजूद गांवों के खेतों तक पानी आसानी से पहुंचाया जा सकेगा। इससे किसानों के संकट का समाधान निकलेगा।

सिंधु जल संधि स्थगित होने के बाद भारत की नई नीति का असर

यह परियोजना सिंधु नदी प्रणाली को लेकर भारत की जल नीति के बदलते और इसके आक्रामक होते जाने का परिणाम है। भारत द्वारा पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को स्थगित करने के फैसले के बाद, लद्दाख में इस तरह के वाटर रिजर्व और रिटेंशन इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाना यह साफ संदेश है कि देश अब अपने सीमावर्ती इलाकों के समुदायों के लिए अपने नदियों के जल का अधिकतम इस्तेमाल करेगा।

लद्दाख में बनेंगे 36 और चेक डैम: 56 करोड़ रुपये से अधिक का प्लान

उपशी में बना यह पहला रॉक चेक डैम कोई अकेला प्रयास नहीं है। लद्दाख प्रशासन सिंधु नदी पर और भी कई चेक डैम बनाने की दिशा में काम कर रहा है। कुछ जगहों पर काम शुरू हो चुका है। दूसरी परियोजनाओं के विए योजना बनाई जा रही है। लद्दाख प्रशासन ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को एक डिटेल प्रस्ताव भेजा है। इसमें पूरे लद्दाख में कुल 36 चेक डैम बनाने की मंजूरी मांगी गई है। लेह में 7 हिमालयन रॉक चेक डैम बनाने का प्रस्ताव है। कारगिल के लिए 29 आरसीसी चेक डैम या वियर का प्रस्ताव दिया गया है।

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