काशी में NH-19 से रिंग रोड तक गंगा किनारे दौड़ेगी 6-लेन एलिवेटेड रोड, बनेगा 910 मीटर लंबा केबल-स्टेयड ब्रिज भी! ये रहा प्रोजेक्ट मैप

Varanasi Ganga Elevated Corridor: वाराणसी के अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर को एक बड़ा पुश मिलने जा रहा है। केंद्रीय कैबिनेट ने वाराणसी शहर की जाम की समस्या का इलाज करने और गंगा रिवरफ्रंट के साथ बेहतरीन कनेक्टिविटी देने के लिए 46 किलोमीटर लंबे 6-लेन गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने को हरी झंडी दे दी है।

अपडेटेड Jul 16, 2026 पर 1:35 PM
काशी में NH-19 से रिंग रोड तक गंगा किनारे दौड़ेगी 6-लेन एलिवेटेड रोड

Varanasi Ganga Elevated Corridor: धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी काशी यानी वाराणसी के अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर को एक बड़ा पुश मिलने जा रहा है। केंद्रीय कैबिनेट ने वाराणसी शहर की जाम की समस्या का इलाज करने और गंगा रिवरफ्रंट के साथ बेहतरीन कनेक्टिविटी देने के लिए 46 किलोमीटर लंबे 6-लेन गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने को हरी झंडी दे दी है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के मुताबिक इस भव्य और आधुनिक मेगा प्रोजेक्ट पर कुल 14448 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह प्रोजेक्ट काशी के सांस्कृतिक गौरव और आधुनिक इंजीनियरिंग का एक बेजोड़ कॉम्बिनेशन होगा।

आइए जानते हैं इस मेगा प्रोजेक्ट की खास बातें, रूट मैप और इससे काशी की कनेक्टिविटी में होने वाले बड़े बदलावों की पूरी डिटेल।

पहले यहां देखिए इस प्रोजेक्ट का पूरा मैप


NHAI के प्रोजेक्ट मैप के मुताबिक यह पूरा कॉरिडोर दो मुख्य पैकेजेस (PKG-1 और PKG-2) में बंटा हुआ है। ये शहर के भीतर और बाहरी रास्तों को आपस में जोड़ेगा। यह 46 किलोमीटर लंबा पूरी तरह से एक 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर होगा। यह कॉरिडोर सीधे तौर पर राष्ट्रीय राजमार्ग-19 को वाराणसी रिंग रोड के साथ जोड़ेगा। मैप के मुताबिक प्रोजेक्ट रोड मुख्य रूप से रामनगर, पड़ाव मार्केट, कछवां रोड और आदिकेशव घाट के समानांतर होते हुए रिंग रोड तक पहुंचेगा। इसमें अलग-अलग जगहों पर 2-लेन और 3-लेन के रैंप्स और लूप्स भी दिए गए हैं ताकि गाड़ियों की आवाजाही आसानी से हो सके।

910 मीटर लंबा केबल-स्टेयड ब्रिज और एक्सट्राडोज्ड FOB

इस कॉरिडोर के हिस्से के रूप में गंगा नदी के ऊपर 910 मीटर लंबा एक अत्याधुनिक केबल-स्टेयड ब्रिज (तारों पर टिका पुल) बनाया जाएगा। ये बीएचयू/लंका और रामनगर के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। पैदल यात्रियों और पर्यटकों की सुविधा के लिए इसमें 1.32 किलोमीटर लंबा एक भव्य FOB भी तैयार किया जाएगा।

सफर में समय की भारी बचत: 60 मिनट की दूरी अब सिर्फ 20 मिनट में

अभी बनारस शहर के भीतर बढ़ते ट्रैफिक और संकरी सड़कों की वजह से NH-19 से रिंग रोड या शहर के दूसरे हिस्सों तक जाने में करीब एक घंटे का समय लगता है। इस 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के बन जाने के बाद ट्रैफिक फ्लो में कंजेशन नहीं होगा। इस वजह से यह सफर घटकर सिर्फ 20 मिनट रह जाएगा। इससे NH-19 और वाराणसी के अंदर के शहरी रास्तों पर गाड़ियों का दबाव भी कम होगा और रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, BHU और नमो घाट जाना होगा बेहद आसान

यह नया एलिवेटेड कॉरिडोर काशी के तमाम बड़े धार्मिक, शैक्षणिक और पर्यटन स्थलों को आपस में बेहतरीन तरीके से जोड़ेगा। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ तीर्थयात्रियों को भी काफी सहूलियत होगी। इसकी मदद से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुंचना पहले से कहीं अधिक आसान और तेज हो जाएगा। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) के लिए इसमें विशेष स्पर और 2-लेन रैंप की व्यवस्था मैप में दिखाई गई है। नमो घाट और रामनगर जैसे प्रमुख पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्रों को यह रास्ता सीधे कनेक्ट करेगा।

गंगा नदी के किनारे बनने वाला यह मॉर्डन और एक्सेस-कंट्रोल कॉरिडोर न सिर्फ अर्बन मोबिलिटी को पुश करेगा बल्कि शहर की इकॉनमी को भी इससे रफ्तार मिलेगी। इसकी मदद से काशी आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और विदेशी पर्यटकों को जाम मुक्त सफर मिलेगा। इससे धार्मिक पर्यटन पर पॉजिटिव इंपैक्ट होगा। व्यापारिक वाहनों और माल ढुलाई के लिए एक बाईपास और एलिवेटेड रास्ता मिल जाने से माल की आवाजाही तेजी से हो सकेगी जिससे लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी। वाराणसी और उसके आस-पास के पूरे रीजन में नए बिजनेस और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को स्पीड मिलेगी। इसकी मदद से यह क्षेत्र एक बड़े इकोनॉमिक हब के रूप में उभरेगा।

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