India Nepal Relations: भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय सहयोग का रिश्ता लगातार आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में भारत सरकार ने नेपाल को एक और बड़ा तोहफा दिया है। भारत ने नेपाल की कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 10 खास गाड़ियां गिफ्ट की हैं। ये गाड़ियां कैदियों को ले जाने वाले विशेष ट्रक हैं। वीरगंज में आयोजित एक सेरेमोनियल इवेंट के दौरान भारत के वाणिज्य दूतावास के महाप्रबंधक देवी सहाय मीणा ने नेपाल सरकार के परसा जिले के चीफ डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर (CDO) भोला दहाल को आधिकारिक तौर पर इन 10 ट्रकों की चाबियां सौंपीं। भारत की तरफ से मिलने वाली यह मदद नेपाल की सुरक्षा व्यवस्था और लॉ एनफोर्समेंट कैपिसिटी को और ज्यादा बेहतर बनाने में मदद करेगी।
न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक इस खास सेरेमनी के दौरान नेपाल के चीफ डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर भोला दहाल ने भारत सरकार का दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने इन ट्रकों के लिए भारतीय पक्ष को धन्यवाद देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच का सहयोग व्यापक और एक-दूसरे के लिए बेहद फायदेमंद है। भारत और नेपाल का यह सहयोग दोनों देशों के बीच मौजूद मल्टी-फैसिटेडऔर मल्टी-सेक्टोरल डेवलपमेंट पार्टनरशिप का भी एक उदाहरण है। साथ ही यह दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे आपसी विश्वास और अटूट दोस्ती का भी प्रतीक है।
एसयूवी (SUV) और ट्रकों के बाद मिला यह नया गिफ्ट
नेपाल को गाड़ियों का तोहफा मिलने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले इसी साल 5 मार् नेपाल में हुए प्रतिनिधि सभा के चुनावों के लिए नेपाल सरकार ने भारत से मदद का अनुरोध किया था। नेपाल के इस अनुरोध पर भारत सरकार ने इसी साल की शुरुआत में लगभग 640 गाड़ियां गिफ्ट की थीं। इसमें एसयूवी, पिकअप गाड़ियां और भारी ट्रक शामिल थे। अगर पिछले सालों के आंकड़ों को देखें तो भारत सरकार अब तक नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों को 2000 से भी अधिक गाड़ियां गिफ्ट कर चुकी है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा सहयोग, बन रहा है नया स्कूल
भारत सिर्फ सुरक्षा और गाड़ियों के मामले में ही नहीं, बल्कि नेपाल के इंफ्रास्ट्रक्चर और एजुकेशन सेक्टर में भी बढ़-चढ़कर मदद कर रहा है। पिछले महीने ही भारत की सहायता से नेपाल के सुदूरपश्चिम प्रांत के अछाम जिले में एक नए स्कूल की बिल्डिंग का शिलान्यास किया गया था। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के मुताबिक, अछाम जिले के मेल्लेख ग्रामीण नगर पालिका-4 में स्थित श्री बासुकी सेकेंडरी स्कूल की नई बिल्डिंग का शिलान्यास किया गया है। इस स्कूल बिल्डिंग का निर्माण भारत सरकार की तरफ से मिलने वाली लगभग 38 मिलियन (3.8 करोड़) नेपाली रुपये की फाइनेंशियल असिस्टेंस से किया जा रहा है।
इस स्कूल प्रोजेक्ट को एक हाई इंपैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (HICDP) के तौर पर मेल्लेख ग्रामीण नगर पालिका के जरिए लागू किया जा रहा है। भारतीय दूतावास के प्रथम सचिव नारायण सिंह और मेल्लेख ग्रामीण नगर पालिका के चेयरमैन ज्वाला सिंह साउद ने संयुक्त रूप से इसका शिलान्यास किया था। भारतीय दूतावास का कहना है कि एक करीबी पड़ोसी होने के नाते भारत और नेपाल व्यापक सहयोग में लगे हुए हैं।