उत्तर प्रदेश में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि 40 वर्षीय रूबी ने अपने 44 वर्षीय पति सुरेंद्र की हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, वारदात से पहले उसने पति को नींद की गोलियां मिलाकर खीर खिलाई थी। इसके बाद शव को घर के बाथरूम के फर्श के नीचे दबा दिया और ऊपर से सीमेंट डालकर नई टाइलें लगवा दीं। हैरानी की बात यह है कि वह कई हफ्तों तक उसी घर में रहती रही और लोगों से कहती रही कि उसके पति अचानक लापता हो गए हैं।
दर्ज कराई थी लापता की रिपोर्ट
यह मामला तब सामने आया जब 26 मई को सिकंदरा थाने में सुरेंद्र के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने जांच शुरू की तो परिवार के लोगों के बयानों में कई विरोधाभास मिले। साथ ही, परिवार के बैंक खाते से हुए कुछ संदिग्ध लेन-देन ने भी पुलिस का शक बढ़ा दिया। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस आगरा के देहतोरा इलाके में स्थित रेणुका धाम कॉलोनी के घर पहुंची। वहां बाथरूम का फ़र्श तोड़ने पर नीचे से कंकाल जैसे अवशेष मिले, जिन्हें सुरेंद्र का माना जा रहा है। पुलिस ने मौत की असली वजह जानने के लिए इन अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
इस मामले की जानकारी देते हुए एसीपी अमीषा ने बताया कि जांच में पता चला कि सुरेंद्र की हत्या उनकी पत्नी रूबी ने की थी। आरोप है कि हत्या के बाद उसने शव को घर के बाथरूम के फ़र्श के नीचे दबा दिया और ऊपर से सीमेंट डालकर उसे ढक दिया। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद फ़र्श तुड़वाकर शव बरामद किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल रूबी पुलिस हिरासत में है। उससे पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
पत्नी ने किया खौफनाक खुलासा
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान रूबी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। जांच में सामने आया कि सुरेंद्र कुछ समय से बेरोजगार थे और उन्हें शराब की लत थी। आरोप है कि वह शराब के लिए अक्सर रूबी से पैसे मांगते थे और पैसे न मिलने पर उसके साथ मारपीट करते थे। पड़ोसियों ने भी पुलिस को बताया कि दोनों के बीच आए दिन झगड़े होते रहते थे। पुलिस के मुताबिक, सुरेंद्र और रूबी की शादी को करीब 16 साल हो चुके थे और उनकी दो बेटियां हैं। परिवार का खर्च सुरेंद्र के दिवंगत पिता की पेंशन से चलता था, जिसे सुरेंद्र और उनके भाई अनिल के बीच बांटा जाता था। शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस का मानना है कि यह वारदात 18 मई को हुई थी।
खीर में मिलाई नींद की गोली
पुलिस के मुताबिक, रूबी ने खीर में काफी मात्रा में नींद की गोलियां मिलाकर सुरेंद्र को खिलाई थीं। जांच में यह भी सामने आया कि जब उनकी बेटियों ने सुरेंद्र को लंबे समय तक बेहोश पड़ा देखा, तो उन्हें कोई शक नहीं हुआ, क्योंकि वह शराब पीने के बाद अक्सर कई घंटों तक सोए रहते थे। पुलिस का मानना है कि सुरेंद्र की हत्या उनके बेहोश होने के बाद की गई। हालांकि, मौत की असली वजह का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। जांच के अनुसार, अगले दिन रूबी अपनी बेटियों को उनके मामा के घर छोड़ आई। इसके बाद उसने घर के बाथरूम में गड्ढा खोदा, सुरेंद्र के शव को उसमें दबा दिया और ऊपर से सीमेंट डालकर नई टाइलें लगवा दीं, ताकि किसी को इस वारदात की भनक न लगे।
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद रूबी खुद थाने पहुंची और सुरेंद्र के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई, ताकि लोगों को लगे कि वह कहीं गायब हो गए हैं। मामले में नया मोड़ तब आया, जब सुरेंद्र के भाई अनिल ने देखा कि उनके लापता होने के बाद भी पेंशन वाले खाते से पैसे निकाले जा रहे हैं। एटीएम कार्ड सुरेंद्र के पास ही रहता था, इसलिए अनिल को शक हुआ और उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने दोबारा घर की गहन जांच की और मामला खुल गया।
जब पुलिस ने घर की गहन तलाशी ली, तो बाथरूम के नए बने फर्श को तोड़ने पर नीचे से दफनाया गया कंकाल मिला। इसके बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस वारदात में रूबी अकेली शामिल थी या किसी और ने भी उसका साथ दिया। पुलिस अधिकारी सैयद अली अब्बास ने कहा कि किसी महिला के लिए अकेले एक व्यक्ति की हत्या करना और फिर घर के अंदर शव को दफनाना आसान नहीं लगता। इसलिए पुलिस इस मामले में दूसरे लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।